CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की चेतावनी- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो पूरे देश में होगा विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली, 6 जून। NEET-UG पेपर लीक एवं CBSE परीक्षा की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में सामने आईं गड़बड़ियों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच घंटे तक जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र-युवाओं ने हिस्सा लिया। स्वस्फुर्त कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय की विफलताओं को लेकर सरकार को घेरा गया।
मंच से चेतावनी देते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान ने शाम पांच बजे तक इस्तीफा नहीं दिया तो सीजेपी पूरे भारत के अलग-अलग शहरों में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने यह भी कहा – ‘जहां सिस्टम सड़ता है, वहीं कॉकरोच बाहर निकलते हैं। और आज जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ व्यवस्था के खिलाफ लोगों के बढ़ते आक्रोश का ही प्रतीक है।’
आज का विरोध प्रदर्शन तो बस एक ट्रेलर था – दीपके
अभिजीत ने X पर लिखा, ‘मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं। उनसे आखिरी बार मिले हुए एक वर्ष से ज्यादा हो गया है। पिछले 15 दिनों में उन्हें बहुत परेशानी झेलनी पड़ी है और धमकियों की वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा था। मैं उन्हें वापस घर ले जाऊंगा। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज का विरोध प्रदर्शन तो बस एक ट्रेलर था। इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए आपका धन्यवाद।’
Going home to see my parents, it’s been more than a year since I last met them. They've suffered a lot over the last 15 days and had to leave home because of threats. Will be taking them back to home.
FYI, today’s protest was just a trailer. Thank you for showing up in such…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026
शांतिपूर्ण आंदोलन सबसे बड़ी ताकत
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने समर्थकों से आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिनों से लगातार लोगों से अनुरोध कर रहे हैं कि किसी भी परिस्थिति में प्रदर्शन का स्वरूप खराब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘बहुत सारी ताकतें चाहती हैं कि यह प्रोटेस्ट असफल हो जाए, लेकिन यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसा न होने दें। कुछ भी हो जाए, हम इस आंदोलन को फेल नहीं होने देंगे।’
युवाओं की आवाज सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं
दीपके ने उन आलोचनाओं का भी जवाब दिया, जिनमें कहा जाता था कि केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से जमीनी बदलाव नहीं आता। उन्होंने प्रदर्शन में जुटी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया है कि युवाओं की आवाज सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “कई लोग पूछते थे कि ‘कॉकरोच’ केवल सोशल मीडिया पर दिखाई देते हैं, जमीन पर नहीं। आज जंतर-मंतर की भीड़ इस सवाल का जवाब है।”
व्यवस्था की सड़न का प्रतीक है ‘कॉकरोच’
अपने संगठन के नाम को लेकर उठने वाले सवालों पर अभिजीत दीपके ने कहा, “लोग अक्सर पूछते हैं कि मैं खुद को ‘कॉकरोच’ क्यों कहता हूं। कॉकरोच वहां दिखाई देते हैं, जहां व्यवस्था में गड़बड़ी और सड़न होती है। यदि आज इतने कॉकरोच बाहर निकल रहे हैं तो यह हमारी नहीं, सिस्टम की गलती है।” उन्होंने इसे व्यवस्था की खामियों के खिलाफ जनता के प्रतिरोध का प्रतीक बताया।
प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुंग भी शामिल हुए
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुंग भी पहुंचे। उन्होंने मंच से प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं सद्भावना और शांति का संदेश लेकर आया हूं। आप सब लोगों ने शांति पूर्वक प्रदर्शन का यह तरीका चुना है, इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। शिकायत का यह मुद्दा आपने चुना है। यहां प्रदर्शन नहीं आग्रह करने आए हैं। आगे हमें उम्मीद है सरकार सकारात्मक काम करेगी। इस्तीफे की बात हो रही है, लेकिन जिम्मेदारी की बात हो। हमें उम्मीद है कि सरकार सही कदम उठाएगी। आने वाले दिनों में जो हम मांग कर रहे हैं पूरा हो।’
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ‘एजुकेशन मिनिस्टर कैसा हो, सोनम वांगचुक जैसा हो’ के नारे भी लगाए। इस दौरान वांगचुंग ने कहा कि पेपर लीक हो रहे हैं। इसलिए जिम्मेदारी तो तय करनी पड़ेगी। सरकार इस पर ध्यान दे।
जवाबदेही की मांग के साथ खत्म हुआ प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर करीब पांच घंटे तक चले इस प्रदर्शन में छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र-युवाओं ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार के लिए है।
