1. Home
  2. हिन्दी
  3. राष्ट्रीय
  4. NEET पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा निर्देश : CBI के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का आदेश
NEET पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा निर्देश : CBI के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का आदेश

NEET पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा निर्देश : CBI के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का आदेश

0
Social Share

नई दिल्ली, 27 जुलाई। राउज एवेन्यू स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने NEET UG पेपर लीक मामले में CBI का पक्ष रखने के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है। सोमवार को स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालीगा ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को यह आदेश जारी किया।

मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया क्योंकि सीबीआई की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी। यह नीट यूजी पेपर लीक मामले में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024 के तहत गठित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली सुनवाई थी।

2 आरोपितों – दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत से जुड़ा है मामला

सीबीआई के अनुसार, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 आरोपितों में शामिल हैं, जिन्हें परीक्षा से पहले नीट यूजी पेपर लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपित फिलहाल 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी का आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए लीक पेपर हासिल करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। मांगीलाल के फोन से पेपर बरामद भी हुए हैं।

सीबीआई के अनुसार मांगीलाल को यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक पेपर मिला था। इसके बाद आरोपितों ने मिलकर एक बड़े नेटवर्क के जरिए पेपर को अन्य उम्मीदवारों को 12 लाख रुपये में बेचा। 12 मई 2026 को दर्ज FIR में BNS, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

कोर्ट की अन्य महत्वपूर्ण टिप्पणियां

  • 23 जुलाई को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया गया था।
  • सभी संबंधित मामले अब इसी कोर्ट में ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
  • कोर्ट ने पहले आरोपित यश यादव को NEET UG देने और बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी थी।

यह मामला देशभर में NEET परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच काफी संवेदनशील माना जा रहा है। कोर्ट की अगली सुनवाई में CBI के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति के बाद मामले की सुनवाई तेज होने की उम्मीद है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code