राष्ट्रमंडल खेल 2026 : भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण पदक

ग्लास्गो, 26 जुलाई। भारतीय भारोत्तलक साइखोम मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन रविवार को इतिहास रचा, जब इन खेलों में उन्होंने लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक पर अधिकार किया। उन्होंने 48 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धा के दौरान सिर्फ स्नैच में नया राष्ट्रकुल खेल रिकॉर्ड बनाया वरन कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की।

राजा मुथुपांडी व ऋषिकांत सिंह ने जीते रजत पदक

वस्तुतः भारोत्तोलन स्पर्धा में आज भारत ने एक स्वर्ण व दो रजत सहित कुल तीन पदक जीते। मीराबाई की स्वर्णिम सफलता से पहले ऋषिकांत सिंह ने दिन में पुरुषों के 60 किग्राभार वर्ग में रजत पदक जीता तो देर शाम राजा मुथुपांडी ने अपने पदार्पण को यादगार बनाते हुए पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता।

मुथुपांडी ने 65 किलो वर्ग में कुल 286 किलो वजन उठाया

मुथुपांडी ने स्नैच में 126 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 160 किग्रा वजन उठाया, जिससे उनका कुल भार 286 किग्रा रहा। मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ कुल 299 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता जबकि पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारू ने 282 किग्रा के कुल भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

तालिका में चार पदकों के साथ भारत आठवें स्थान पर

यदि पदक तालिका पर गौर करें तो भारत चौथे दिन देर शाम तक जारी स्पर्धाओं के बीच एक स्वर्ण, दो रजत व एक कांस्य यानी कुल चार पदक लेकर आठवें स्थान पर था। वहीं अग्रणी ऑस्ट्रेलिया सर्वाधिक 36 पदकों (15-9-12) के साथ अन्य प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी आगे है। इंग्लैंड 18 पदक (4-8-6) लेकर दूसरे स्थान पर है जबकि तीसरे स्थान पर मौजूद स्कॉटलैंड छह पदक (4-2-0) जीते हैं।

राष्ट्रमंडल खेलों में चानू के नाम लगातार चौथा पदक

31 वर्षीय मीराबाई चानू की बात करें तो राष्ट्रमंडल खेलों में यह उनका लगातार चौथा पदक है। उन्होंने 2014 खेलों में पहली बार रजत पदक जीता था और उसके बाद 2018, 2022 और अब 2026 में स्वर्ण पदक जीते। चानू ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल मिलाकर 190 किलो वजन उठाया।

मीराबाई की यह जीत धमाकेदार इसलिए भी रही कि उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं नाइजीरियाई रुथ न्योंग से 22 किलोग्राम अधिक वजन उठाया। स्नैच राउंड में चानू ने 85 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 105 किलोग्राम वजन उठाया।

घबराहट भरी शुरुआत के बाद भारतीय वेटलिफ्टर ने पकड़ी रफ्तार

हालांकि मीराबाई की शुरुआत थोड़ी घबराहट भरी रही और वह 82 किग्रा के अपने शुरुआती स्नैच प्रयास में सफल नहीं हो पाईं। लेकिन एक चैम्पियन के स्वभाव के अनुरूप, उन्होंने जल्द ही अपनी लय वापस पा ली और वह हिम्मत और क्लास दिखाई, जिसने उनके शानदार करिअर को परिभाषित किया है।

क्लीन एंड जर्क में भी, मीराबाई को थोड़ी अनिश्चितता का सामना करना पड़ा क्योंकि वह अपना शुरुआती प्रयास पूरा नहीं कर पाईं। हालांकि, ओलंपिक मेडलिस्ट ने एक चैम्पियन की तरह जवाब दिया और अपने दूसरे प्रयास में आसानी से वही 105 किग्रा वजन उठा लिया। मुकाबला पहले ही जीत लेने के बाद मीराबाई ने अनावश्यक जोखिम न लेने का फैसला किया और अपना तीसरा प्रयास नहीं किया क्योंकि दो महीने से भी कम समय में एशियाई खेल होने वाले हैं।

पीएम मोदी ने मीराबाई चानू को दी बधाई

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई चानू को उनकी स्वर्णिम उपलब्धि पर बधाई देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में एक और गौरवशाली अध्याय! प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। लगातार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और कुल मिलाकर चौथा राष्ट्रमंडल पदक जीतने वाली मीराबाई देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा हैं। उन्हें हार्दिक बधाई। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

मनसुख मांडविया ने की मीराबाई की सराहना

वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी मीराबाई की लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि की सराहना की। मांडविया ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘स्वर्ण पदकों की हैट्रिक। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर मीराबाई चानू को हार्दिक बधाई। आपका अटूट समर्पण, अद्भुत निरंतरता और असाधारण ताकत भारत को वैश्विक मंच पर लगातार गौरवान्वित कर रही है।’

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