केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल ने नवसारी में सुनी पीएम मोदी के ‘मन की बात’
अहमदाबाद, 31 मई। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल रविवार को नवसारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भूराभाई शाह, राज्य सरकार के मंत्री नरेशभाई पटेल और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कई समसामयिक विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों, गर्मी के मौसम में पारंपरिक पेय पदार्थों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरुकता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
गर्मी के दौरान देसी पेयजलों का लीजिए आनंद
प्रधानमंत्री ने इस समय देश कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद, प्रकार बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं और फिर शुरू होता है देसी पेय का दौर। देसी पेय से आप भी परिचित हैं।’
आम का पन्ना से लेकर लस्सी..छाछ व सत्तू का शरबत तक
उन्होंने कहा, ‘उत्तर भारत में आपको कई जगह मिलेगा आम पन्ना…पंजाब-हरियाणा जाने पर लस्सी मिल जाएगी, राजस्थान और गुजरात में छाछ जैसे हर खाने की साथी बन जाती है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत… इनमें से ज्यादातर चीजें हमारी रसोई से निकली हैं… आप भी गर्मी के दौरान देसी पेयजलों का खूब आनंद लीजिए।‘
देश के युवाओं में ‘अद्भुत प्रतिभा’ है
पीएम मोदी ने भारतीय एथलीटों की हालिया उपलब्धियों के साथ की और कहा कि रांची में 29वें नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कॉम्पिटिशन 2026 में 100 मीटर रेस में नेशनल रिकॉर्ड दो दिनों में तीन बार तोड़ा गया। रेडियो प्रोग्राम के दौरान पीएम मोदी ने गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से बात की, जिन्होंने अपनी प्रैक्टिस, दोस्ती और हेल्दी कॉम्पिटिशन के बारे में बात की।
गंगा डॉल्फिन के सफल रेस्क्यू अभियान का किया उल्लेख
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश में गंगा डॉल्फिन के सफल रेस्क्यू अभियान का विशेष उल्लेख किया और इसे प्रकृति संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में एक वीडियो काफी चर्चा में रहा, जिसमें कुछ लोग अत्यंत धैर्य और सावधानी के साथ एक गंगा डॉल्फिन को बचाने का प्रयास करते दिखाई दिए।
डॉल्फिन को बचाने में लगा 13 घंटे का समय
उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान में लगभग 13 घंटे का समय लगा और अंततः डॉल्फिन को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक जीव को बचाने की कहानी नहीं बल्कि प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
रेस्क्यू अभियान में एम्बुलेंस की भी भूमिका अहम
पीएम मोदी ने बताया कि इस सफल अभियान में भारत की पहली गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एम्बुलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उत्तर प्रदेश में एक गंगा डॉल्फिन नहर में फंस गई थी, जिसके बाद ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत विकसित इस विशेष एम्बुलेंस को मौके पर भेजा गया। बचाव दल ने डॉल्फिन को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला, उसकी चिकित्सकीय जांच की और उपचार के बाद उसे सुरक्षित रूप से राप्ती नदी में छोड़ दिया।
