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विनेश फोगाट का एशियाई खेलों में भागीदारी का स्वप्न टूटा, चयन ट्रायल्स के तीसरे दौर में परास्त

विनेश फोगाट का एशियाई खेलों में भागीदारी का स्वप्न टूटा, चयन ट्रायल्स के तीसरे दौर में परास्त

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नई दिल्ली, 30 मई। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से एशियाई खेलों के चयन ट्रॉयल्स में भागीदारी का अधिकार पाने वालीं दो बार की विश्व पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार को यहां पहले राउंड में तो 7-1 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। लेकि वह अपने तीसरे मुकाबले में हार के बाद ट्रॉयल्स से बाहर हो गई।

इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित ट्रायल्स के सेमीफाइनल में ओलम्पियन फोगाट को युवा रेसलर मीनाक्षी गोयत ने 53 किलो भारवर्ग के मुकाबले में 6-4 से हरा दिया। इस हार के साथ फोगाट का एशियाई खेल 2026 में भागीदारी का सपना भी टूट गया।

हार के बाद विनेश ने WFI पर लगाया पक्षपात का आरोप

ट्रॉयल्स में बाहर होने के बाद विनेश ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, ‘जाहिर तौर पर पक्षपात हुआ है, लेकिन मैं चाहती हूं कि मैं इतनी ट्रेनिंग करूं कि ये जो चीटिंग कर रहे हैं, उनकी चीटिंग भी पीछे रह जाए और वे चाहकर भी मुझे न हरा पाएं। मैं कोशिश करूंगी कि ट्रेनिंग बढ़ाऊं और अच्छा करूं।’

‘मैं इतनी ट्रेनिंग करूंगी कि इनकी चीटिंग भी पीछे छूट जाएगी’

विनेश ने बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट को धन्यवाद कहा, जिनकी मंजूरी के बाद विनेश इस प्रतियोगिता में भाग ले पाई थीं। ट्रायल्स के संबंध में उन्होंने कहा, ‘मुझे कुछ बोलने की जरूरत नहीं है, सबने देखा है कितने फेयर तरीके से (ट्रायल्स) हुए हैं। पूरा देश जानता है।’

WFI ने ऐन वक्त पर फोगाट की भागीदारी 50 किलो वर्ग तक सीमित कर दी

ज्ञातव्य है कि पेरिस ओलम्पिक 2024 के बाद विनेश पहली बार किसी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता में भाग ले रही थीं। हालांकि, इसे लेकर भी उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से चयन में भाग लेने की मिली मंजूरी के बाद शनिवार को ट्रायल मैच के शुरू होने के ठीक पहले डब्ल्यूएफआई द्वारा उनकी भागीदारी को सिर्फ 50 किलोग्राम वर्ग तक ही सीमित कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शनिवार सुबह आधिकारिक वेट-इन (किसी मुकाबले या मैच से पहले खिलाड़ियों का आधिकारिक तौर पर वजन करना) के दौरान उन्हें बताया गया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में ही हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी क्योंकि पेरिस ओलम्पिक सहित अपने पिछले चार अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में उन्होंने इसी भार वर्ग में हिस्सा लिया था।

विनेश के विरोध के बाद 53 किलो वर्ग में उतरने की अनुमति मिली

विनेश ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया और कुश्ती महासंघ पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पसंद के वजन वर्ग में उतरने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और बाद में फैसले को बदलते हुए विनेश को 53 किलो वर्ग के ट्रायल्स में उतरने की अनुमति दी गई।

WFI अध्यक्ष संजय सिंह का स्पष्टीकरण

संजय सिंह ने स्पष्ट किया, ‘हमने उन्हें (विनेश) इजाजत दी क्योंकि उन्होंने आरोप लगाए और अधिकारियों से उनका वजन मापने के लिए कहा। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहते। उन्होंने यह नहीं बताया कि किस वर्ग में खेलना चाहती हैं, फिर भी हमने उन्हें मौका दिया।’ ट्रॉयल्स के दौरान संजय सिंह के अलावा भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) की अदिति चौहान और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के एमएम सोमैया इंदिरा गांधी स्टेडियम में पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद थे।

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