एअर इंडिया ने 100 से ज्यादा साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद कीं, 7 रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद
नई दिल्ली, 13 मई। देश की सबसे बड़ी विमानन कम्पनी एअर इंडिया ने बढ़ती परिचालन लागत और एयरस्पेस प्रतिबंधों के बीच बड़ा फैसला लेते हुए करीब 100 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करने और सात रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है।
इन रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से बंद होंगी
एयरलाइन ने कहा है कि जून से अगस्त 2026 तक यह कटौती लागू रहेगी। इस फैसले से एअर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय क्षमता में करीब 27 फीसदी तक कमी आएगी। विमानन कम्पनी ने जिन सात रूट्स पर अगस्त तक उड़ाने रोकने का फैसला किया है, उनमें दिल्ली–शिकागो, दिल्ली- न्यूयॉर्क, मुंबई–न्यूयॉर्क सिटी, दिल्ली–शंघाई, चेन्नई–सिंगापुर, मुंबई–ढाका और दिल्ली-माले हवाई मार्ग शामिल हैं।
ये है कटौती की असल वजह
एअर इंडिया के अनुसार पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कई देशों के एयरस्पेस पर प्रतिबंध जारी हैं। लंबा रूट लेने से ईंधन की खपत बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए जेट फ्यूल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। एयरलाइन ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कई अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को व्यावसायिक रूप से चलाना मुश्किल हो गया है।
जून-अगस्त के दौरान इन शहरों के लिए उड़ानों की संख्या घटाई जाएगी
- दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, वैंकूवर, पेरिस, कोपेनहेगन, मिलान, वियना, ज्यूरिख और रोम।
- दिल्ली से मेलबर्न, सिडनी, सिंगापुर, बैंकॉक, कुआलालंपुर, हो ची मिन्ह सिटी, हनोई, काठमांडू, ढाका और कोलंबो।
- मुंबई से सिंगापुर, बैंकॉक और कोलंबो की उड़ानें भी कम होंगी।
- हालांकि मुंबई-न्यूयॉर्क रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
मौजूदा हालात बने रहे तो नेटवर्क में आगे भी बदलाव संभव
विमानन कम्पनी ने कहा है कि यदि मौजूदा हालात बने रहे तो नेटवर्क में आगे भी बदलाव किए जा सकते हैं। एयरलाइन के CEO और MD कैंपबेल विल्सन ने पहले ही कर्मचारियों को चेतावनी दी थी कि बढ़ती ईंधन कीमतों, पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने और ईरान युद्ध के कारण एयरलाइन कठिन दौर से गुजर रही है। इसी वजह से कम्पनी ने कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने, गैर-जरूरी खर्च घटाने और लागत कम करने जैसे कदम भी उठाए हैं।
