गंगा एक्सप्रेसवे की खास बातें : यूपी के 12 जिलों से होकर गुजरेगा, लखनऊ से दिल्ली का सफर 6 घंटे में पूरा होगा
लखनऊ, 29 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बुधवार को जिस महात्वाकांक्षी परियोजना यानी गंगा एक्सप्रेसवे को लोकार्पण किया, उसकी विशेषताओं पर यदि गौर करें तो 36,000 करोड़ से ज्यादा की लागत से बना 594 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों से होकर गुजरेगा।

भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे पर मौजूदा समय छह लेन है और भविष्य में इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। शाहजहांपुर के पास 3.5 किमी की हवाई पट्टी भी बनाई गई है, जहां आपातकाल में फाइटर प्लेन उतर सकेंगे। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर को सीधे दिल्ली और पूर्वांचल से जोड़ेगा। इससे लखनऊ से दिल्ली का सफर छह घंटे में पूरा होगा।
इन 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा.इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण
गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं।
एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था
इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, बनेगा मजबूत नेटवर्क
गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी।
