ट्रंप के बाद अब फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को किया फोन, पश्चिम एशिया की स्थिति व होर्मुज समुद्री मार्ग खोले जाने पर चर्चा
नई दिल्ली, 16 अप्रैल। पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के बीच अमेरिका व ईरान के बीच दूसरे दौर की संभावित शांति वार्ता से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत की। दो दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी के साथ पश्चिम एशिया और होर्मुज समुद्री मार्ग के बारे में बात की थी।
मोदी ने अपने मित्र मैक्रों के साथ बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने X पर लिका, ‘मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा तथा नौवहन की स्वतंत्रता को शीघ्र बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। हम क्षेत्र और उससे आगे शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना घनिष्ठ सहयोग जारी रखेंगे।’
J'ai reçu un appel téléphonique de mon cher ami, le président Emmanuel Macron. Nous avons discuté de la situation en Asie occidentale et sommes tombés d'accord sur la nécessité urgente de rétablir la sécurité et la liberté de navigation dans le détroit d'Ormuz.
Nous poursuivrons…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में कर रखी ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी
उल्लेखनीय है कि ईरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद से अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिससे कि इन बंदरगाहों पर समुद्री जहाजों का आवागमन न हो सके। अमेरिका का कहना है कि उसने यह कदम होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोलने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।
ज्ञातव्य रहे कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज मार्ग से समुद्री जहाजों के आवागमन को बाधित कर रहा है, जिससे दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।
मैक्रों ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का किया आह्वान
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से वार्ता फिर शुरू करने और होर्मुज समुद्री रास्ते को बिना शर्त खोलने का आग्रह किया था। मैक्रों ने इन दोनों नेताओं से भी फोन पर बातचीत की थी और कहा कि इस्लामाबाद में रुकी वार्ता को दोबारा शुरू किया जाए, गलतफहमियों को दूर किया जाए और क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोका जाए। उन्होंने जोर दिया कि युद्धविराम में इजराइल-लेबनान संघर्ष को भी शामिल किया जाना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोला जाना आवश्यक है, ताकि वैश्विक नौवहन सामान्य हो सके।
