टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स ने सेमाग्लूटाइड के ओरल एवं इंजेक्टेबल रूपों का लॉन्च किया
टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स ने आज भारत में अपने सेमाग्लूटाइड ब्रांड्स – सेम्बोलिक और सेमालिक्स – का ओरल तथा इंजेक्टेबल दोनों रूपों में लॉन्च करने की घोषणा की। इस लॉन्च के साथ कंपनी ने टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे जैसे मेटाबोलिक विकारों के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है।
लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, अमल केलशिकार, सीईओ – इंडिया बिजनेस, टोरेंट फार्मा, ने कहा, “मेटाबोलिक विकार भारत में सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक हैं, जहाँ हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित है। जीएलपी-1 थेरेपी सेगमेंट में हमारा प्रवेश, जटिल मेटाबोलिक स्थितियों का प्रबंधन करने वाले स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए किफायती दरों पर उपचार विकल्पों के विस्तार के प्रति टोरेंट की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमें इस बात पर गर्व है कि हम मौखिक और इंजेक्टेबल दोनों रूपों में यह उपचार उपलब्ध कराने वाली पहली भारतीय कंपनी हैं, जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों को मरीजों के उपचार के लिए समग्र विकल्प प्राप्त होता है।”
जीएलपी-1 (ग्लूकागॉन-सदृश पेप्टाइड-1) रिसेप्टर एगोनिस्ट, टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के प्रबंधन के लिए स्थापित प्रिस्क्रिप्शन दवाएं हैं। ये इंसुलिन स्राव को बढ़ाकर, ग्लूकागॉन के स्तर को कम करके तथा भूख को नियंत्रित करने में सहायता करती हैं। यह सिद्ध हुआ है कि ये हीमोग्लोबिन A1c (HbA1c) को कम करने, वजन घटाने को प्रोत्साहित करने तथा जीएलपी-1 हार्मोन की नकल करके हृदय संबंधी घटनाओं के जोखिम को कम करने में प्रभावी हैं।
