आधार में बायोमेट्रिक अपडेट के लिए UIDAI का विशेष अभियान, 1.2 करोड़ बच्चों को मिला लाभ
नई दिल्ली, 3 मार्च। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) को बढ़ावा देने के लिए देशभर में विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत 103,000 से अधिक स्कूलों में सेवाएं प्रदान की गईं, जिससे लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) स्कूली बच्चों को अपने स्कूल परिसर में ही आधार में MBU पूरा करने में मदद मिली।
स्कूल परिसरों में ही पूरा हुआ MBU
यूआईडीएआई के क्षेत्रीय और राज्य कार्यालय, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों, जिला प्रशासन और स्कूलों के सहयोग से मिशन मोड में यह अभियान चला रहे हैं। इस पहल के तहत बच्चों को स्कूल में ही सरल और सुविधाजनक तरीके से बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा दी गई।
यूडीआईएसई+ से तकनीकी एकीकरण
यूआईडीएआई ने सितम्बर, 2025 में स्कूली बच्चों के लिए मिशन मोड एमबीयू अभियान की शुरुआत की। यह अभियान स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लिकेशन के साथ सफल तकनीकी एकीकरण के बाद शुरू हुआ। यूडीआईएसई+ के साथ एकीकरण से स्कूलों में बच्चों के एमबीयू की स्थिति की सटीक जानकारी मिली। इससे उन बच्चों की पहचान संभव हुई, जिनका बायोमेट्रिक अपडेट लंबित था। इसके आधार पर स्कूलों में विशेष शिविर लगाकर प्रक्रिया पूरी कराई गई।
4000 से अधिक मशीनें तैनात
अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए देशभर में कम से कम 4000 मशीनें उपयोग में लाई जा रही हैं। यूआईडीएआई ने अभियान की गति और तेज करने के लिए मशीनों की संख्या और बढ़ाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं और योजनाओं में मदद
बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट रहने से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और अन्य लाभों का लाभ लेने में सुविधा मिलती है। साथ ही, NEET, JEE और CUET जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण व प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी आसान होती है। यूआईडीएआई अभिभावकों से अपने बच्चों का एमबीयू समय पर कराने की अपील करता रहा है।
7-15 वर्ष आयु वर्ग के लिए निःशुल्क सुविधा
एमबीयू अभियान पिछले छह महीनों से मिशन मोड में जारी है। यूआईडीएआई ने एक अक्टूबर, 2025 से शुरू होने वाली एक वर्ष की अवधि के लिए 7-15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आधार में एमबीयू को निःशुल्क कर दिया है। स्कूलों में आयोजित शिविरों के अलावा, बच्चे देशभर के किसी भी आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाकर भी अपना एमबीयू पूरा कर सकते हैं।
