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रणजी ट्रॉफी फाइनल : जम्मू-कश्मीर फिर इतिहास रचने को तैयार, कर्नाटक को फॉलोआन के खतरे में डाला

रणजी ट्रॉफी फाइनल : जम्मू-कश्मीर फिर इतिहास रचने को तैयार, कर्नाटक को फॉलोआन के खतरे में डाला

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हुबली, 26 फरवरी। राष्ट्रीय क्रिकेट की श्रेष्ठता की प्रतीक रणजी ट्रॉफी में पहली बार फाइनल खेलने का अधिकार पाने के साथ ही इतिहास सृजित चुका जम्मू-कश्मीर एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि बल्लेबाजों के पराक्रम के बाद शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन से मेहमानों ने खिताबी मुकाबले में पूर्व चैम्पियन व मेजबान कर्नाटक को फॉलोऑन के खतरे में धकेल दिया है।

स्कोर कार्ड

इस क्रम में यहां केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड पर तीसरे दिन का खेल समाप्त हुआ तो जम्मू-कश्मीर के विशाल स्कोर (584 रन) के जवाब में पेसर ऑकिब नबी (3-32) के सामने कर्नाटक का शीर्षक्रम ध्वस्त हो गया और टीम 69 ओवरों में 220 रनों पर पांच विकेट गंवाकर संकट में थी।

फॉलोऑन बचाने के लिए अब भी 165 रनों की दरकार, 5 विकेट शेष

कर्नाटक पहली पारी के आधार पर 364 रन पीछे है और उसे फॉलोऑन बचाने के लिए अब भी 165 रनों की दरकार है। अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि चौथे दिन कर्नाटक के बचे बल्लेबाज फॉलोऑन बचा पाने में सफल हो पाते हैं अथवा नहीं। उल्लेखनीय है कि रणजी ट्रॉफी में 1959-60 में पदार्पण करने के बाद जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची है।

ऑकिब नबी ने राहुल व करुण नायर सहित कर्नाटक का शीर्षक्रम बिखेरा

ऑकिब नबी की बात करें तो उन्होंने लगातार नौ ओवर फेंककर भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े नामों को परेशानी में डाला। इस क्रम में उन्होंने 12वें ओवर में 27 के योग पर लोकेश राहुल (13 रन) को आउट किया और फिर 18वें ओवर में लगातार गेंदों पर करुण नायर (0) व स्मरण रविचंद्रन (0) खाता खोलने तक नहीं दिया (4-57)। इसके पिछले ओवर में कप्तान देवदत्त पडिक्कल (11 रन) सुनील कुमार (1-45) के शिकार बन चुके थे।

नबी मौजूदा सत्र में अब तक ले चुके हैं 58 विकेट

गौरतलब है कि नबी ने पूरे सत्र में टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और मौजदूा सत्र में उनके विकेटों की संख्या 58 हो गई है, जो उत्तराखंड के स्पिनर मयंक मिश्रा के 59 विकेट से सिर्फ एक कम है।

मयंक के नाबाद शतक से मेजबानों का संघर्ष जारी

गनीमत रही कि अनुभवी ओपनर मयंक अग्रवाल (नाबाद 130 रन, 207 गेंद, 17 चौके) ने मजबूत रक्षात्मक तकनीक का नजारा पेश करते हुए एक छोर संभाले रखा। उन्हें 124 रनों के स्कोर पर जीवनदान भी मिला।

मयंक व श्रेयस के बीच पांचवें विकेट पर 105 रनों की साझेदारी

मयंक ने श्रेयस गोपाल (27 रन, 83 गेंद, एक चौका) संग पांचवें विकेट पर 105 रनों की साझेदारी की थी, तभी युद्धवीर सिंह (1-32) ने गोपाल को लौटाकर यह भागीदारी तोड़ी। इसके बाद मयंक ने कृतिक कृष्णा (नाबाद 27 रन, 75 गेंद, दो चौके) के साथ 58 रनों की साझेदारी से स्टंप्स उखड़ने तक अन्य कोई क्षति नहीं होने दी।

जम्मू-कश्मीर के पुंडीर ने जड़ा शतक, यावर संग 139 रनों की भागीदारी

इसके पूर्व जम्मू-कश्मीर की पहली पारी पिछली शाम के स्कोर 6-527 से आगे बढ़ी और लगभग लंच के पहले 17.1 ओवरों में  57 रनों की वृद्धि पर समाप्त हुई। मेहमानों को बड़ा स्कोर प्रदान करने में शतकवीर शुभमन पुंडीर (121 रन, 247 गेंद, दो छक्के, 12 चौके) अगुआ रहे। उन्होंने यावर हसन (88 रन, 150 गेंद, 13 चौके) संग दूसरे विकेट पर 139 रनों की बड़ी भागीदारी की।

साहिल, कन्हैया, पारस व समद ने भी ठोके अर्धशतक

पुंडीर व यावर के अलावा साहिल लोत्रा (72 रन, 138 गेंद, आठ चौके), कन्हैया वधावन (70 रन, 109 गेंद, नौ चौके), कप्तान पासर डोगरा (70 रन, 166 गेंद, आठ चौके) व अब्दुल समद (61 रन, 104 गेंद, एक छक्का, छह चौके) ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलकर दल को 600 के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कर्नाटक के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने 98 रन खर्च कर सर्वाधिक पांच विकेट लिए।

 

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