गुंटूर (आंध्र प्रदेश), 22 जून। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के काफिले की एक गाड़ी की चपेट में आने से वाईएसआरसीपी समर्थक की मौत हो गई। बुधवार को येतुकुरु के पास हुई यह दुखद घटना वीडियो में कैद हो गई। तब से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। फिलहाल मामले की औपचारिक जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जगन मोहन के सत्तेनापल्ली मंडल के रेंटापल्ली गांव के दौरे के वक्त वेंगलयापलेम गांव के निवासी 54 वर्षीय चीली सिंगैया सड़क किनारे पूर्व सीएम का स्वागत करने के लिए एकत्र हुए थे, जहां जगन मोहन एक प्रतिमा का अनावरण करने वाले थे।
जगन मोहन का काफिला उधर से गुजर रहा था, तभी सिंगैया ने कथित तौर पर पूर्व सीएम पर फूल बरसाने का प्रयास किया। इस दौरान सिंगैया उसी वाहन के नीचे आ गए, जिस पर रेड्डी सवार थे और लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।
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कैमरे में कैद हुए खौफनाक पल
वीडियो फुटेज में वह पल दिखाया गया है, जब सिंगैया गाड़ी के पास गिरते हैं और गाड़ी का पहिया उनकी गर्दन के ऊपर से गुजरता है। प्रत्यक्षदर्शी उनकी मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी। सिंगैया को गुंटूर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गुंटूर एसपी सतीश कुमार और गुंटूर रेंज के आईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी समेत पुलिस अधिकारियों ने घटना और वीडियो के सर्कुलेशन की पुष्टि की। डेक्कन क्रॉनिकल के हवाले से आईजी त्रिपाठी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीड़ित की इस तरह से मौत हो गई। शुरुआती जांच से पता चलता है कि काफिले में करीब 30 से 35 वाहन थे जबकि आधिकारिक तौर पर केवल तीन को ही अनुमति दी गई थी। अनाधिकृत वाहन काफिले में कैसे शामिल हुए, इसकी पूरी जांच के बाद काररवाई की जाएगी।’
पीड़ित परिवार ने गहन जांच की मांग की
इस घटना ने सुरक्षा निगरानी और काफिले के प्रबंधन में कमी को लेकर व्यापक आलोचना को जन्म दिया है। सिंगैया के परिवार ने न्याय और उनकी मौत के कारणों की पूरी जांच की मांग की है। सरकार से उम्मीद है कि वह मौजूदा काफिले प्रोटोकॉल की समीक्षा करेगी और भविष्य में इस तरह के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करेगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सक्रिय रूप से जांच कर रही है कि क्या इसमें लापरवाही या इरादा शामिल था।

