हांगझू एशियाई खेल : भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम इतिहास रचने से एक कदम दूर, चीन से होगी खिताबी टक्कर

हांगझू, 30 सितम्बर। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां बिनजियांग जिम्नेजियम के बीडीएम कोर्ट पर इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी, जब उसकी स्वर्ण पदक के लिए मेजबान चीन से टक्कर होगी।

एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन, किदाम्बी श्रीकांत, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी/चिराग शेट्टी और ध्रुव कपिला/एमआर अर्जुन की टीम ने शनिवार को खेले गए संघर्षपूर्ण सेमीफाइनल में रिपब्लिक ऑफ कोरिया को 3-2 से हराकर पहली बार फाइनल में प्रवेश किया।

एशियाड बैडमिंटन में भारत अब तक स्वर्ण से दूर ही रहा है

उल्लेखनीय है कि भारत ने अब तक एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में कभी भी स्वर्ण पदक नहीं जीता है। जकार्ता 2018 में पीवी सिंधु का महिला एकल रजत पदक इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

प्रणय, लक्ष्य और किदाम्बी ने सुनिश्चित की भारत की जीत

कोरिया के खिलाफ मैच की बात करें तो भारत की ओर से एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत ने अपने-अपने एकल रबर जीते वहीं सात्विक-चिराग और ध्रुव कपिला-एमआर अर्जुन की जोड़ियों को युगल रबर हार का सामना करना पड़ा।

सात्विक-चिराग सहित दोनों युगल जोड़ियों को पराजय झेलनी पड़ी

शीर्ष भारतीय पुरुष शटलर एचएस प्रणय ने सेमीफाइनल के पहला रबर गंवाने के बाद वापसी की और कोरिया के ह्योकजिन जीन को 78 मिनट में 18-21, 21-16, 21-19 से हराया जबकि युगल रबर में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी को कोरिया के गेम सेउंगजे सिओ और मिनहुक कांग के हाथों 63 मिनट तक खिंचे सीधे, लेकिन संघर्षपूर्ण गेमों में 13-21, 24-26 से हार का सामना करना पड़ा और मामला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया।

इसके बाद राष्ट्रमंडल खेल 2022 के चैंपियन युवा शटलर लक्ष्य सेन ने कोरिया के युनग्यू ली को 44 मिनट में 21-7, 21-9 से हराकर भारत को फिर आगे किया। लेकिन दूसरे युगल रबर में ध्रुव कपिला व एमआर अर्जुन की जोड़ी भी हार गई। किम वानहो व ना सुंगसेयुंग ने 45 मिनट में यह मुकाबला 21-16, 21-11 से जीतकर कोरिया को फिर 2-2 की बराबरी दिला दी।

निर्णायक एकल में श्रीकांत ने पहला गेम गंवाने के बाद वापसी की

फिलहाल निर्णायक एकल रबर में किदाम्बी श्रीकांत ने चो जिओनिओप से पहला गेम गंवाने के बाद असाधारण वापसी की औऱ 79 मिनट तक खिंची कश्मकश के बाद 12-21, 21-16, 21-14 की जीत से भारत के लिए फाइनल का टिकट सुनिश्चित कर दिया।

सुतीर्था-अयहिका ने रचा इतिहास, महिला युगल टेबल टेनिस के सेमीफाइनल में पहुंचीं

उझर गांगशू कैनाल स्पोर्ट्स पार्क स्टेडियम में भारतीय बालाओं सुतीर्था मुखर्जी व अयहिका मुखर्जी ने इतिहास रचा, जब उन्होंने विश्व चैम्पियन चीनी जोड़ी चेन मेंग व यिडी वांग को 41 मिनट में 11-5, 11-5, 5-11, 11-9 से हराकर महिला युगल टेबल टेनिस स्पर्धा के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

इसके साथ ही भारत के लिए एशियाई खेलों में ऐतिहासिक टेबल टेनिस पदक पक्का हो गया। भारत इसके पूर्व अब तक एशियाई खेलों में महिला युगल स्पर्धा में कभी भी पदक नहीं जीत सका था।

मनिका बत्रा की हार से एकल में भारतीय चुनौती समाप्त

हालांकि देश की शीर्षस्थ एकल महिला पैडलर मनिका बत्रा दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी चीन की यिडी वांग के हाथों 58 मिनट के संघर्ष में 8-11, 12-10, 6-11, 4-11, 14-12, 5-11 से हार गईं। इसके साथ ही एकल स्पर्धा में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया।

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