राज्यसभा में 10 सांसदों ने ली शपथ, विभिन्न राज्यों और भाषाओं का दिखा प्रतिनिधित्व
नई दिल्ली, 25 जून। राज्यसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने यहां नवनिर्वाचित और पुनर्निर्वाचित 10 सदस्यों को राज्यसभा सदन में प्रतिज्ञान दिलाया। इस अवसर पर सदन में गरिमामय वातावरण देखने को मिला।
विभिन्न राज्यों के कई सांसदों ने अपनी मातृभाषा में यह शपथ ली। शपथ लेने वाले सांसदों में प्रवीण चक्रवर्ती, देबाशीष सामंतराय, सना सतीश बाबू, विजय चिंतकायाला, भाष्यम राम कृष्ण, लिंगामनेनी रमेश, राजेश परमानंद शुक्ला, बैद्यनाथ राम, परिमल नथवानी और ताई टागाक शामिल रहे।
10 में से 5 सदस्यों ने हिन्दी और 3 ने तेलुगु में शपथ ली
शपथ लेने के साथ ही इन सदस्यों ने औपचारिक रूप से राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर ली और अब वे सदन की कार्यवाही में भाग लेने के पात्र हो गए हैं। समारोह की एक विशेषता देश की भाषाई विविधता भी रही। 10 में से पांच सदस्यों ने हिन्दी में राज्यसभा सदस्य की शपथ ली, वहीं एक सदस्य ने अंग्रेजी में शपथ ली, एक सदस्य ने तमिल में तथा तीन सदस्यों ने तेलुगु भाषा में शपथ व प्रतिज्ञान लिया।
उल्लेखनीय है कि यह भारतीय लोकतंत्र की बहुभाषी परंपरा और संविधान द्वारा सभी भाषाओं को दिए गए सम्मान को दर्शाता है। राज्यों के प्रतिनिधित्व की दृष्टि से भी यह समारोह महत्वपूर्ण रहा। शपथ लेने वाले सदस्यों में आंध्र प्रदेश से चार सदस्य निर्वाचित होकर आए हैं। वहीं, झारखंड से दो सदस्य राज्यसभा पहुंचे हैं। इनके अलावा, शपथ लेने वालों में तमिलनाडु, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा से एक-एक सदस्य राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। इससे विभिन्न राज्यों की आवाज को राज्यसभा में और अधिक मजबूती मिलेगी।
शपथ ग्रहण के अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी, सदन के अनेक सदस्य तथा राज्यसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राज्यसभा में शपथ ग्रहण की यह प्रक्रिया भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संवैधानिक परंपरा का हिस्सा है। इसके माध्यम से निर्वाचित जनप्रतिनिधि संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए जनता की आकांक्षाओं और हितों का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी संभालते हैं। नए और पुनर्निर्वाचित सदस्यों के सदन में शामिल होने से विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ उठाए जाने की उम्मीद है।
