अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस : टिन्नू यादव समेत 8 आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस की रेड, सबूत जुटाने में जुटी जांच टीम
अयोध्या, 28 जून। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। रविवार को अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों के घरों और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच टीम का उद्देश्य मामले से जुड़े नए सबूत जुटाना और आरोपियों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल करना था।
टिन्नू यादव के घर पहुंची पुलिस, मिला ताला
पुलिस जब मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसकी पत्नी घर बंद कर कहीं चली गईं। इसी तरह आरोपी मनीष यादव के घर पर भी ताला मिला। मौके पर जन्मभूमि थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भी मौजूद रहे।
अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इन सभी की भूमिका की विस्तार से जांच कर रही है।
टिन्नू यादव पर गिनती व्यवस्था की जिम्मेदारी का आरोप
जांच के अनुसार, टिन्नू यादव मंदिर में चढ़ावे की गिनती व्यवस्था की निगरानी करता था। आरोप है कि दान पात्रों और कैश काउंटिंग रूम की चाबियां भी उसके पास रहती थीं। पुलिस का दावा है कि वह मंदिर की व्यवस्थाओं में प्रभावशाली भूमिका निभाता था। जांच एजेंसियां उसकी संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच कर रही हैं।
अनुकल्प मिश्रा पर नकदी छिपाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा कैश काउंटिंग रूम में तैनात था। जांच में आरोप है कि उसने गिनती के दौरान नकदी निकालकर बाथरूम में छिपाई और बाद में उसे बाहर ले गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की रकम से उसने संपत्ति बनाई या नहीं।
लवकुश मिश्रा के घर से मिल चुके हैं 12 लाख रुपये
आरोप है कि लवकुश मिश्रा चढ़ावे की नकदी और अन्य कीमती सामान की गिनती में शामिल था। जांच के दौरान उसके घर से पहले ही 12 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच अभी जारी है।
कैश काउंटिंग स्टाफ का प्रभारी था सुभाष
मामले के एक अन्य आरोपी सुभाष श्रीवास्तव कैश काउंटिंग स्टाफ का प्रभारी बताया गया है। उस पर निगरानी में लापरवाही और कथित तौर पर चोरी की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है।
