मुंबई, 28 जून। महाराष्ट्र में रविवार (28 जून) को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-2026) पेपर लीक की आशंका के बाद ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई। इस फैसले से राज्य के 4.28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा। घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए।
राज्य परीक्षा परिषद ने राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। परीक्षा में 4,28,122 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें 2,26,363 सेवारत शिक्षक भी शामिल थे। लेकिन पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
राहुल गांधी ने साधा सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने लिखा कि “एक और पेपर लीक, एक और परीक्षा रद्द। इस बार महाराष्ट्र TET। शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है। यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है।”
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन
पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पार्टी नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा से ठीक पहले पेपर रद्द होना सरकार की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हो या राज्य स्तरीय परीक्षा, सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार अब डबल लीक सरकार बन चुकी है।”
पेपर लीक पर विपक्ष के आरोप
सीजेपी ने दावा किया कि वर्ष 2015 से अब तक देश में 148 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी ने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील भी की।
परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से अभ्यर्थियों में नाराजगी और असमंजस का माहौल बना हुआ है।

