वाराणसी : गंगा में नाव पर हुई इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल, नदी में अवशेष फेंकने के आरोप में 14 गिरफ्तार
वाराणसी, 17 मार्च। धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और कथित तौर पर नॉन-वेज खाने के अवशेष नदी में फेंकने का वीडियो वायरल होने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी काररवाई की है और 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना सोमवार की है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ युवक गंगा नदी में नाव पर बैठकर इफ्तार पार्टी करते नजर आ रहे थे। आरोप है कि इफ्तार के दौरान उन्होंने चिकन बिरयानी खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंक दिए, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ और शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर काररवाई शुरू की।

भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जयसवाल ने मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि इस घटना से हिन्दू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नाव पर इफ्तार के दौरान नॉनवेज भोजन यानी बिरयानी परोसा गया। यह भी आरोप है कि नॉन वेज खाने के बाद हड्डियां भी गंगा नदी में फेंकी गईं। वीडियो में युवकों द्वारा पार्टी मनाते हुए और नॉनवेज का सेवन करते दिखाया गया था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
गायघाट क्षेत्र से हुई आरोपितों की गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली कि वायरल वीडियो में शामिल युवक गायघाट क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पहचान के आधार पर सभी 14 आरोपितों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान कुछ आरोपित आक्रामक हो गए थे, जिसके चलते शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा।
वाराणसी के ACP विजय प्रताप सिंह ने पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि 16 मार्च को कुछ लोगों पर आरोप लगे थे कि वे पंचगंगा घाट पर एक नाव में इफ्तार पार्टी के नाम पर चिकन बिरयानी खा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने तुरंत अपनी टीमें अलग-अलग जगहों पर तैनात कर दीं। अब तक हमने कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके ख़िलाफ़ उचित काररवाई की जाएगी।’
पुलिस के अनुसार यह मामला सिर्फ गंगा प्रदूषण का ही नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास से भी जुड़ा हुआ है। फिलहाल, घटना के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की लगातार निगरानी की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
