UP चुनाव 2027: SP-कांग्रेस के सीट बंटवारे पर राजभर का तंज, बोले- सपा को कमजोर करना चाहती है कांग्रेस

लखनऊ, 24 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन तथा सीट बंटवारे को लेकर चर्चाओं के बीच प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सीटों के बंटवारे के बहाने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कमजोर करना चाहती है। राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में गठबंधन की रणनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। राजभर ने दावा किया कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 172 सीटों की सूची सौंपी है, लेकिन सपा इतनी सीटें देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अपनी मांग पर अड़ी रहती है, तो दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर सहमति बनना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, दूसरी ओर सपा ने गठबंधन को लेकर भरोसा जताते हुए कहा है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कोई संशय नहीं है और दोनों दलों का लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराना है।

‘यूपी में सपा को खत्म करना चाहती है कांग्रेस’

अंबेडकर नगर में मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस चाहती है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में खत्म हो जाए। जिस तरह बंगाल में टीएमसी और बिहार में तेजस्वी यादव की पार्टी को कमजोर करने की कोशिश हुई, उसी तरह कांग्रेस की सोच है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्रदेश में सपा को खत्म किया जाए।” राजभर ने कहा कि कांग्रेस की ओर से 172 सीटों की सूची दिए जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी इतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है। उनके मुताबिक, सीटों की संख्या को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद सामने आ सकते हैं। यदि कांग्रेस अपनी मांग पर कायम रहती है, तो गठबंधन की राह मुश्किल हो सकती है। राजभर के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की अंदरूनी रणनीति पर सवाल उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों की ओर से अंतिम सहमति या आधिकारिक सीटों की घोषणा होने तक स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।

अक्टूबर तक सीटें फाइनल करना चाहती है कांग्रेस: राजभर

ओम प्रकाश राजभर ने सीट बंटवारे की प्रक्रिया को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अक्टूबर तक सीटों का फैसला कर दें, ताकि पार्टी अपने चुनावी अभियान और तैयारियों को आगे बढ़ा सके।

राजभर के मुताबिक, कांग्रेस जल्द सीटों पर सहमति बनाने के पक्ष में है, जबकि अखिलेश यादव की रणनीति अलग हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि सपा चरणबद्ध तरीके से सीटों का फैसला करना चाहती है। इसके तहत पहले चरण में जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनके संबंध में निर्णय लिया जाए और इसके बाद दूसरे तथा तीसरे चरण की सीटों पर अलग-अलग चर्चा की जाए। राजभर का कहना है कि इसी रणनीतिक अंतर के कारण कांग्रेस के नेता जल्द सीट बंटवारा चाहते हैं, ताकि उन्हें उम्मीदवारों के चयन, संगठन की तैयारी और चुनावी अभियान के लिए पर्याप्त समय मिल सके। हालांकि, सीटों के बंटवारे और दोनों दलों की रणनीति को लेकर राजभर के ये दावे हैं; इन पर दोनों दलों की ओर से औपचारिक पुष्टि जरूरी है।

सपा ने कहा- कांग्रेस के साथ गठबंधन तय

ओम प्रकाश राजभर के बयान के बीच समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर भरोसा जताया है। लखनऊ में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि दोनों दलों का गठबंधन तय है और इसे लेकर किसी तरह का संशय नहीं होना चाहिए।

फखरुल हसन चांद ने कहा, “राहुल गांधी और अखिलेश यादव लगातार इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि अब सवाल सीटों की संख्या का नहीं है। कितनी सीटें किसे मिलेंगी, यह दोनों दल आपस में बैठकर तय कर लेंगे। हम सबका लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना है।” सपा प्रवक्ता के इस बयान से साफ है कि पार्टी गठबंधन को लेकर सकारात्मक संदेश देना चाहती है। सपा का कहना है कि सीटों की संख्या पर अंतिम फैसला बातचीत के जरिए किया जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव में भाजपा को चुनौती देना दोनों दलों का साझा लक्ष्य है।

राजभर पर सपा का पलटवार, भाजपा में सीटों को लेकर घेरा

ओम प्रकाश राजभर के आरोपों का जवाब देते हुए सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने राजभर पर ही निशाना साधा। उन्होंने भाजपा के साथ उनके राजनीतिक संबंधों और सीटों को लेकर कथित स्थिति पर सवाल उठाए। फखरुल हसन ने कहा, “ओम प्रकाश राजभर को बीजेपी दो सीटें दे रही है। इतनी खिचड़ी पकाने और बीजेपी का गुणगान करने के बाद भी उन्हें केवल दो सीटें मिली हैं। उन्हें अपनी चिंता करनी चाहिए। बीजेपी तीसरी सीट देने को तैयार नहीं है और कह रही है कि दो सीट ले लो और खुद लड़ लो, वो भी उनकी पसंद की सीट नहीं। जहां से वह लड़ना चाहते हैं, वहां से संजय निषाद मांग कर रहे हैं।” सपा प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि भाजपा राजभर परिवार के दोनों सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को गठबंधन में सीटों को लेकर परेशानी है, उन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने दल और राजनीतिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। फखरुल हसन ने कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा और उसके सहयोगियों को चुनाव में हराने के लिए काम करेगी। इस तरह सीट बंटवारे को लेकर राजभर और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला।

2027 के चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का मुद्दा विपक्षी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर कांग्रेस और सपा के बीच सीटों को लेकर बातचीत की खबरें हैं, तो दूसरी ओर दोनों दलों के नेता गठबंधन की स्थिति और चुनावी रणनीति पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर ने जहां सीटों की संख्या को लेकर मतभेद होने और गठबंधन में मुश्किल आने की आशंका जताई, वहीं सपा ने कांग्रेस के साथ बातचीत जारी होने और गठबंधन तय होने का दावा किया है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सपा और कांग्रेस सीट बंटवारे पर कब तक सहमति बनाती हैं और चुनावी रणनीति को किस रूप में अंतिम रूप दिया जाता है। फिलहाल, 172 सीटों की सूची और सीटों के बंटवारे को लेकर सामने आए दावों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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