1. Home
  2. हिन्दी
  3. राष्ट्रीय
  4. केंद्रीय कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी, नेटवर्क 389 किमी बढ़ेगा
केंद्रीय कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी, नेटवर्क 389 किमी बढ़ेगा

केंद्रीय कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी, नेटवर्क 389 किमी बढ़ेगा

0
Social Share

नई दिल्ली, 14 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में 18,509 करोड़ रुपये (अनुमानित) लागत वाले तीन रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।

प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स और उनकी विशेषताएं

सीसीईए के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में कसारा–मनमाड (तीसरी और चौथी लाइन), दिल्ली–अंबाला (तीसरी और चौथी लाइन) और बल्लारी–होसपेटे (तीसरी और चौथी लाइन) शामिल हैं। बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं।

भौगोलिक और सामाजिक लाभ

सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों से होकर गुजरेंगे। इससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क करीब 389 किलोमीटर बढ़ेगा। इन प्रोजेक्ट्स से 3,902 गांवों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लगभग 97 लाख लोगों को फायदा होगा।

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत प्रोजेक्ट्स

सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाए गए हैं, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन प्रोजेक्ट्स से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।

प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देशभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे भावली बांध, श्री घाटंदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री माता वैष्णो देवी कटरा/श्रीनगर, हम्पी, बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बियर अभयारण्य, तुंगभद्रा बांध, केंचनागुड्डा और विजया विट्टला मंदिर के लिए रेल संपर्क में सुधार होगा।

माल ढुलाई और पर्यावरणीय लाभ

सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, चूना पत्थर/बॉक्साइट, कंटेनर, खाद्यान्न, चीनी, उर्वरक, तेल आदि के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 96 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी।

रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल होने के कारण जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत कम करने में सहायक होगा। इसके अलावा, ये प्रोजेक्ट्स तेल आयात (22 करोड़ लीटर) कम करेंगे और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (111 करोड़ किलोग्राम) घटाएंगे, जो लगभग 4 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code