अमेरिका से तनातनी के बीच ईरान का बड़ा दावा- ‘होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण हमारा’

तेहरान, 28 सितम्बर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से समझौता प्रस्ताव ठुकराने के बाद तनाव बढ़ाव बढ़ने के साथ ही ईरान ने फिर दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका पूरा अधिकार है और किसी की टिप्पणी से इसके स्टेट्स पर असर पड़ने वाला नहीं है।

ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ रियर एडमिरल हबीबुल्लाह सय्यारी ने कहा कि ‘दुश्मन की बयानबाजी’ के बावजूद जलडमरूमध्य ईरान के पूर्ण नियंत्रण में है। सय्यारी ने कहा, ‘हम ओमान सागर के उत्तरी हिस्से और होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में निर्णायक काररवाई करते हैं और किसी को भी वहां से गुजरने की अनुमति नहीं देते।’

उन्होंने कहा, ‘होर्मुज के पश्चिमी हिस्से, स्ट्रेट और फारस की खाड़ी पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना का नियंत्रण है। वहीं, स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से और उत्तरी हिन्द महासागर की जिम्मेदारी ईरानी नौसेना के पास है।’

सय्यारी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। ईरान ने अमेरिका के सैन्य दबाव को कम करने और अपने बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने की स्थिति में सात दिनों के भीतर स्ट्रेट को फिर से खोलने की पेशकश की थी। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो सकती है। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया आईआरएनए ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल फिलहाल अमेरिका के साथ किसी नई बातचीत की योजना नहीं बना रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसके आसपास जारी तनाव का असर तेल की कीमतों और क्षेत्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। इसी क्रम में सोमवार (28 सितम्बर) को ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई जबकि क्षेत्र से तेल निर्यात में भी हाल के महीनों की तुलना में कुछ सुधार दर्ज किया गया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular