कुलदीप एंड कम्पनी के प्रहार के बाद तिलक बने चट्टान, टीम इंडिया नौवीं बार एशिया कप चैम्पियन, रोमांचक खिताबी संघर्ष में 5 विकेट से हारा पाकिस्तान

दुबई, 28 दिसम्बर। एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के 41 वर्षों के इतिहास में दो चिर प्रतिद्वंद्वी यानी भारत व पाकिस्तान की पहली खिताबी मुलाकात वाकई रोमांचक संघर्ष की साक्षी बन गई। लेकिन दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रविवार की रात उतार-चढ़ाव से भरपूर अंतिम ओवर तक खिंची कश्मकश में सूर्यकुमार यादव के रणबांकुरे 15 दिनों के भीतर तीसरी बार करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की अपेक्षाओं पर खरे उतरे और टीम इंडिया दो गेंदों के शेष रहते पांच विकेट की जीत से नौवीं बार चैम्पियन बन बैठी।

मौजूदा संस्करण में तीसरी बार पाकिस्तान को मायूस किया

पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच चल रही जबर्दस्त तनातनी का यह आलम था कि प्रतियोगिता के 17वें संस्करण में प्रारंभिक लीग व सुपर 4 के बाद फाइनल में भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने विपक्षी समकक्ष से हाथ नहीं मिलाया और न ही मैच के बाद दोनों टीमों के बीच कोई संपर्क हुआ। फिलहाल 2-0 के रिकॉर्ड के साथ फाइनल में उतरी गत चैम्पियन भारतीय टीम 3-0 के स्कोर के साथ मैदान से बाहर निकली।

अच्छी शुरुआत के बाद बिखरा पाक, 33 रनों पर गिरे अंतिम 9 विकेट

मुकाबले पर नजर डालें तो यह दो भागों में बंटा नजर आया। मसलन, ओपनर साहिबजादा फरहान (57 रन, 38 गेंद, तीन छक्के, पांच चौके) व फखर जमां (46 रन, 35 गेंद, दो छक्के, दो चौके) द्वारा दिलाई गई जबर्दस्त शुरुआत के बाद पाकिस्तानी पारी कुलदीप यादव (4-30) एंड कम्पनी के प्रहार से अचानक बुरी तरह लड़खड़ा गई और 38 गेंदों के भीतर 33 रनों की वृद्धि पर अंतिम नौ बल्लेबाज लौट गए। नतीजा यह हुआ कि एक समय 113 (12.4 ओवर) पर एक वाला पाकिस्तान 19.1 ओवरों में 146 रनों पर सिमट गया।

खराब शुरुआत से उबरा भारत, तिलक की दो भागीदारियां बनीं निर्णायक

वहीं दूसरी ओर भारत खराब शुरुआत से उबरने में कामयाब रहा और चार ओवरों में 20 रनों पर ही तीन शीर्ष बल्लेबाजों को खोने के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ तिलक वर्मा (नाबाद 69 रन, 53 गेंद, चार छक्के, तीन चौके) पाक आक्रमण के सामने चट्टान बनकर खड़े गए। तिलक की संजू सैमसन (24 रन, 21 गेंद, एक छक्का दो चौके) व शिवम दुबे (33 रन, 22 गेंद, दो छक्के, दो चौके) संग दो उपयोगी भागीदारियां निर्णायक बनीं और उनकी टीम ने 19.4 ओवरों में पांच विकेट पर 150 रन बनाकर यादगार खिताबी जीत हासिल कर ली।

स्कोर कार्ड

अभिषेक सहित भारत के शार्ष 3 बल्लेबाज 20 रनों के भीतर लौट गए

कमजोर स्कोर का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की बात करें तो वह वाकई उम्मीदों के विपरीत हाहाकारी रही, जब शुरुआती चार ओवरों में 20 रनों पर तीन शीर्ष बल्लेबाज निकल गए। पिछले तीन मैचों में जानदार अर्धशतकीय पारियां खेलने वाले ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ ओपनर अभिषेक शर्मा (पांच रन, छह गेंद, एक चौका) दूसरे ही ओवर में फहीम अशरफ (3-29) के शिकार बन गए तो अगले ओवर में शाहीन शाह अफरीदी (1-20) ने बल्लेबाजी से लगातार निराश कर रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव (एक रन) को निबटा दिया। वहीं फहीम ने अपने दूसरे ओवर में शुभमन गिल (12 रन, 10 गेंद, एक चौका) को मिडऑन में हारिस रउफ से कैच करा दिया।

तिलक की संजू व शिवम संग दो अर्धशतकीय भागीदारियां

टीम इंडिया यहां भयानक दबाव में आ चुकी थी। लेकिन हैदराबाद के 22 वर्षीय बल्लेबाजी हरफनमौला तिलक ने न सिर्फ मोर्चा संभाला वरन टीम को मंजिल दिलाकर लौटे। तिलक ने पहले संजू सैमसन संग 50 गेंदों पर 57 रनों की साझेदारी से दल की गाड़ी पटरी पर लौटाई। संजू को 13वें ओवर में अबरार अहमद ने लौटाया तो अर्शदीप की जगह एकादश में शामिल शिवम दुबे ने तिलक का साथ निभाया और पांचवें विकेट के लिए 40 गेंदों पर 60 रनों की भागीदारी निभाने के बाद वह 19वें ओवर की अंतिम गेंद पर फहीम के तीसरे शिकार बन गए।

अंतिम ओवर में तिलक के छक्के के बाद रिंकू ने विजयी चौका जड़ा

लेकिन तब तक भारत छह गेंदों के रहते लक्ष्य से सिर्फ 10 रनों के फासले पर जा खड़ा हुआ था और तिलक का साथ देने के लिए तोड़ू बल्लेबाज रिंकू सिंह क्रीज पर आ चुके थे, जिन्हें चोटिल हार्दिक पंड्या की जगह एकादाश में शामिल किया गया था। अंतिम ओवर में हारिस रउफ की पहली गेंद पर दो रन लेने के बाद तिलक ने अगली पर छक्का उड़ाया। तीसरी गेंद पर सिंगल लेकर उन्होंने छोर बदला तो रिंकू ने सामने पड़ी पहली ही गेंद पर विजयी चौका जड़ दिया।

फरहान व फखर जमां ने 58 गेंदों पर ठोक दिए 84 रन

इसके पूर्व सिक्के की उछाल गंवाने वाली पाकिस्तानी टीम को जबर्दस्त शुरुआत मिली, जब भारत के खिलाफ लगातार दूसरा तूफानी पचासा जड़ने के साथ साहिबजादा फरहान ने फखर जमां संग मिलकर 58 गेंदों पर ही 84 रन ठोक दिए। खैर, लेग ब्रेक गुगली विशेषज्ञ वरुण चक्रवर्ती (2-30) ने 10वें ओवर में फरहान को लौटाने के साथ यह खतरनाक भागीदारी तोड़ी।

शीर्ष क्रम के 3 बल्लेबाजों के बाद अन्य कोई दहाई में नहीं पहुंच सका

फखर जमां ने सईम अयूब (14 रन, 11 गेंद, दो चौके) संग 29 रनों की साझेदारी से स्कोर 113 तक पहुंचाया। फिलहाल वामहस्त कलाई के स्पिनर कुलदीप ने 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर अयूब को बुमराह से कैच करा यह भागीदारी तोड़ी तो फिर लाइन ही लग गई। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि 18वें ओवर तक हर ओवर में विकेट गिरे और फरहान, फखर जमां व अयूब के बाद अन्य बल्लेबाज दहाई का मुंह तक नहीं देख सके।

कुलदीप ने 17वें ओवर में 3 विकेट झटके

इनमें कुलदीप ने 17वें ओवर में पाक के चौथे सर्वोच्च स्कोरर कप्तान सलमान आगा (आठ रन) सहित तीन बल्लेबाजों को लौटाया। कुलदीप व वरुण के अलावा एक अन्य वामहस्त स्पिनर अक्षर पटेल व हर्षित राणा की जगह एकादश में लौटे जसप्रीत बुमराह ने भी दो-दो विकेट लिए। इनमें बुमराह के हिस्से अंतिम दो विकेट आए।

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