खुशखबरी : आप 16 जून से कर सकेंगे ताज का दीदार, एएसआई से संबद्ध देश के सभी स्मारक खोले जाएंगे

नई दिल्ली/आगरा 14 जून। देश के अधिकतर हिस्सों में कोविड-19 संक्रमण के तेजी से कम हो रहे मामलों को देखते हुए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने ताजमहल सहित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग के अंतर्गत आने वाले देश के सभी धरोहरों, स्मारकों एवं पर्यटक स्थलों को 16 जून से खोलने का फैसला किया है।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी साझा की जानकारी

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रहलाद सिंह पटेल  ने भी एक ट्वीट के जरिए इस आदेश की पुष्टि की। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘आज संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई के सभी स्मारकों को 16 जून 2021 से विधिवत खोलने की स्वीकृति प्रदान की है। पर्यटक कोरोना नियमों का पालन करते हुए स्मारकों का भ्रमण कर सकते हैं। सभी को शुभकामनाएं।’

15 अप्रैल से बंद चल रहे सभी स्मारक व संग्रहालय

गौरतलब है कि देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एएसआई ने गत 15 अप्रैल से 15 जून तक एएसआई से संबद्ध सभी धरोहरों/स्मारकों, पर्यटन स्थलों और संग्रहालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया था।

एएसआई के निदेशक (स्मारक) एन.के. पाठक की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में इन सभी स्थलों को 16 जून से खोलने का आदेश दिया गया है। आदेश के अनुसार इन सभी स्मारकों, पर्यटन स्थलों और संग्रहालयों में पर्यटकों के लिए संबंधित राज्य सरकारों व जिला प्रशासन की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।

ताजमहल में एक बार में सिर्फ 100 लोगों को ही प्रवेश

इधर आगरा स्थित ताजमहल में प्रवेश को लेकर भी नए नियम बनाए गए हैं। स्थानीय आदेश में कहा गया है कि एक बार में सिर्फ सौ लोगों को ही परिसर में प्रवेश मिलेगा। पर्यटकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी जरूरी होगा।

पिछले वर्ष भी 188 दिनों तक बंद रहा ताजमहल

ज्ञातव्य है कि कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान पिछले वर्ष भी एएसआई ने 17 मार्च को ताजमहल बंद कर दिया था और उसे 188 दिनों बाद फिर से खोला गया था। इस बार बीते 60 दिनों से ताजमहल बंद है।

बुद्ध महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर के मंदिर भी खुलेंगे

उधर पुरातत्विक ऐतिहासिक धरोहर बुद्ध महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर के मंदिरों को भी 16 जून को जन सामान्य के लिए जा रहा है। इनमें महापरिनिर्वाण मंदिर माथा कुंवर और रामाधार स्तूप शामिल हैं। पर्यटन स्थली के खुलने से इस क्षेत्र से जुड़े लोगों में व्यापार बढ़ने और रौनक लौटने की उम्मीद जगी है।

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