सुखबीर सिंह बादल का एलान- महिला आरक्षण व परिसीमन के लिए केंद्र का समर्थन करेगा अकाली दल
नई दिल्ली, 8 अगस्त। संसद के मानसून सत्र के दौरान शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद ही अकाली दल ने घोषणा कर दी कि वह महिला आरक्षण व परिसीमन के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयक का समर्थन करेगा
सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को कहा कि चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की गई। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अकाली दल को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (@SGPCAmritsar) ने अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है।
The Shiromani Akali Dal, at a meeting of its senior leaders in Chandigarh today, demanded the immediate implementation of the Women’s Reservation Bill in the country.
The Shiromani Akali Dal draws inspiration from the teachings of the Sikh Gurus, who championed the dignity,… pic.twitter.com/y7VP39zdyk
— Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) August 8, 2026
अकाली दल ने निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की मांग की
संसद के सामने अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद, शिरोमणि अकाली दल ने एक ऐसे निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की मांग की, जिससे सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। इसी क्रम में शिरोमणि अकाली दल ने भारत सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी की बात कही गई थी। पार्टी ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब केंद्र सरकार मौजूदा मॉनसून सत्र में विपक्षी नेताओं और NDA सहयोगियों से संपर्क करके संविधान संशोधन बिल पास कराने की नई कोशिशें कर रही है। इस बिल का मकसद 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का नया परिसीमन करना है।
हम परिसीमन के खिलाफ नहीं थे : दलजीत सिंह चीमा
शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा, ‘हम परिसीमन के खिलाफ नहीं थे। कुछ समय तक हमारी चिंता यह थी कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के उपाय सफलतापूर्वक लागू किए हैं, उन्हें नुकसान न हो… गृह मंत्री की ओर से यह सुझाव आया था कि सभी के लिए 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। जब हम इस बात पर सहमत हो गए कि यह फॉर्मूला सही है तो हमने इसके लागू होने के साथ-साथ परिसीमन और महिला आरक्षण को भी मंजूरी दे दी।’
सुखबीर बादल ने शुक्रवार को पीएम मोदी से की थी मुलाकात
गौरतलब है कि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने शुक्रवार को ही संसद भवन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। हालांकि उनके ऑफिस ने बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं किया। लेकिन खबरों के अनुसार एसएडी ने कहा कि बातचीत पंजाब से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी, जिसमें राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार शामिल था।
सुखबीर बादल और पीएम मोदी के बीच यह बैठक राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, पंजाब में लंबे समय तक सहयोगी रहीं ये दोनों पार्टियां सितम्बर 2020 में तीन कृषि कानूनों (जिन्हें अब रद कर दिया गया है) के मुद्दे पर अलग हो गई थीं।
लोकसभा में अकाली दल के पास सिर्फ एक सीट
फिलहाल, लोकसभा में अकाली दल के पास सिर्फ एक सीट है, जिसमें हरसिमरत कौर बादल पंजाब के बठिंडा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं। मौजूदा संसद सत्र के बीच, सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) और विपक्ष संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के संबंध में रणनीतियां बना रहे हैं, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है।
