विश्व आर्म रेसलिंग : मेजबान भारत का दमदार प्रदर्शन, पहले दो दिनों में जीते 4 स्वर्ण सहित 20 पदक

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। मेजबान भारतीय खिलाड़ियों ने यहां जारी 47वीं विश्व आर्म रेसलिंग व 28वीं विश्व पैरा आर्म रेसलिंग चैम्पियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले दो दिनों में ही 20 पदक अपने नाम कर लिए हैं। इनमें चार स्वर्ण, दो रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही भारत पदक तालिका में रूस, कजाखस्तान और तुर्की के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

60 से अधिक देशों के 1,700 से ज्यादा खिलाड़ी ले रहे हिस्सा

भारत में पहली बार आयोजित हो रही इस विश्व चैम्पियनशिप में 60 से अधिक देशों के 1,700 से ज्यादा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन गुरुवार को केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और हमीरपुर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय युवा मामले व खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में हुआ। इस चैम्पियनशिप का आयोजन वर्ल्ड आर्म रेसलिंग फेडरेशन (WAF) के तत्वावधान में पीपल्स आर्म रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (PAFI) कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

उद्घाटन समारोह में डब्ल्यूएएफ के अध्यक्ष एसेन हाजितोडोरोव, महासचिव मिर्सिया सिमियोनेस्कु-सिमिसेल, एशियन आर्मरेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जीनबेक मुकाम्बेटोव और आर्मरेसलिंग ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष फिल रासमुसेन भी मौजूद रहे।

मास्टर्स खिलाड़ियों ने जीते 12 पदक

29 अक्टूबर को भारतीय मास्टर्स खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, एक रजत और सात कांस्य पदक जीते। जिंसीमोल सेबेस्टियन ने ग्रैंड मास्टर महिला 80 किग्रा वर्ग में दोनों हाथों की स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। योगेश चौधरी ने मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक जीता। वहीं, शौकत वीटी ने मास्टर पुरुष 60 किग्रा वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक अपने नाम किया। ग्रैंड मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा वर्ग की दाएं हाथ की स्पर्धा में मिनिमोली जोस ने रजत और प्रीथा सी ने कांस्य पदक जीता। प्रिया पय्यान कुन्हीवीट्टिल और मिनी के ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में दो-दो कांस्य पदक हासिल किए।

युवा खिलाड़ियों ने भी दिखाया दम

30 अक्टूबर को आयोजित लेफ्ट आर्म फाइनल में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने आठ पदक जीते। जिमीसन मारवेन ने यूथ मेंस 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक हासिल किया। वहीं, आभास राणा ने जूनियर बॉयज प्लस 90 किग्रा, लैथनसंगा ने यूथ मेंस 55 किग्रा, अजय कुमार ने यूथ मेंस 60 किग्रा और विष्णुप्रिया पी ने यूथ विमेंस 80 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीते। सब-जूनियर वर्ग में आर्यन सिंह ने 45 किग्रा से कम, युमनाम चिंगखेई सिंह ने 50 किग्रा और शेन सालिश ने 70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किए।

90 फाइनल मुकाबलों में पहुंचे 128 भारतीय खिलाड़ी

पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के अलावा भी भारतीय दल का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। कुल 128 भारतीय खिलाड़ियों ने 101 में से 90 फाइनल मुकाबलों में जगह बनाई और 154 फिनिश हासिल किए। इनमें 17 खिलाड़ी ऐसे रहे, जो पदक जीतने से वंचित रह गए और उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। मास्टर्स मेंस 110 किग्रा वर्ग के नवीन पॉल और ग्रैंड मास्टर विमेंस 80 किग्रा वर्ग की मिहसंगेवभा रिम्बई ने लेफ्ट और राइट आर्म, दोनों स्पर्धाओं के फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया।

प्रोफेशनल आर्म रेसलिंग में भी बढ़ रही भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी

चैम्पियनशिप में सब-जूनियर से लेकर ग्रैंड मास्टर तक पांच अलग-अलग आयु वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं। ये नतीजे अंतरराष्ट्रीय आर्म रेसलिंग में भारत की बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं। प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को पेशेवर आर्म रेसलिंग में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है। योगेश चौधरी और आभास राणा 28 नवंबर को पुणे में होने वाले प्रो पंजा लीग के ‘गोल्ड एडिशन 2’ में हिस्सा लेंगे। प्रो पंजा लीग और पूनावाला ग्रुप की ओर से आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत और दुनिया के कई प्रमुख आर्म रेसलर्स के शामिल होने की उम्मीद है।

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