Stock Market: तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 440 अंक चढ़ा; निफ्टी 23,393 के पार

मुंबई, 21 सितंबर भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 440 अंक से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में रियल्टी और ऑटो शेयरों में खरीदारी का असर प्रमुख सूचकांकों पर देखने को मिला। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 440 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,735 के स्तर पर था। वहीं, निफ्टी 47 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,393 पर कारोबार कर रहा था।

सेक्टरों की बात करें तो शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाले सूचकांकों में रहे। इनके अलावा निफ्टी फार्मा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस में भी तेजी रही। वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंफ्रा और निफ्टी मीडिया दबाव में रहे और लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

मिडकैप-स्मॉलकैप में मिला-जुला रुख

शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 126 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62,064 पर था। दूसरी ओर, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 10 अंक की मामूली बढ़त के साथ 19,886 पर कारोबार कर रहा था।

इन सेंसेक्स शेयरों में रही तेजी

सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एलएंडटी, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फिनसर्व और टाइटन बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके विपरीत, इंफोसिस, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच बाजार पर नजर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनियाभर में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के बावजूद इक्विटी बाजारों में मजबूती बनी हुई है। मध्य पूर्व में तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी चिंताएं वैश्विक बाजारों के लिए जोखिम बनी हुई हैं। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति में बढ़ोतरी के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। दूसरी ओर, अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड करीब 5 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है, जो इक्विटी बाजारों के लिए चुनौती मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की बेहतर कमाई की उम्मीदों के कारण शेयर बाजारों को समर्थन मिल रहा है। भारतीय बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान यही रुख देखने को मिला।

एशियाई बाजारों में भी तेजी

एशियाई बाजारों में भी सोमवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जकार्ता का बाजार गिरावट में था। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार हुआ था। डाउ जोन्स 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में 0.39 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

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