मुंबई, 8 सितंबर: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 332 अंक या 0.44 प्रतिशत फिसलकर 75,800 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 86 अंक या 0.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,692 पर कारोबार करता नजर आया। सुबह करीब 9:20 बजे बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। खासतौर पर आईटी और रियल्टी से जुड़े शेयरों में कमजोरी रही। बाजार के प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में भी कई सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
IT और रियल्टी शेयरों में दबाव
शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी IT में दबाव देखने को मिला। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी इंफ्रा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी PSU बैंक भी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, कुछ सेक्टोरल इंडेक्स में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी मेटल, निफ्टी PSE और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी कमजोर
बाजार की गिरावट का असर केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी दिखाई दी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 31 अंक या 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 20,067 पर था। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 98 अंक या 0.16 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 62,688 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स के इन शेयरों में रही बिकवाली
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, एमएंडएम, सन फार्मा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी और एसबीआई शुरुआती कारोबार में गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
एशियाई बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग के बाजार में कमजोरी रही। इस बीच, अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को लेबर डे की छुट्टी के कारण बंद रहे।
पांचवें हफ्ते भी जारी है बाजार में कमजोरी?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें सप्ताह धीरे-धीरे लेकिन लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, आईटी शेयरों में बिकवाली, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और तेजी से बढ़ता IPO बाजार बाजार पर दबाव डालने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन मैक्रो फैक्टर्स का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव और कमजोरी का दौर जारी रह सकता है।
हालांकि, बाजार की यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कुछ अवसर भी पैदा कर सकती है। जानकारों के अनुसार, मजबूत फंडामेंटल वाले कई लार्जकैप शेयर मौजूदा दबाव के बीच आकर्षक स्तरों पर नजर आ रहे हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब मजबूत कंपनियों के वैल्यूएशन और आगामी बाजार संकेतकों पर रहेगी।


