नई दिल्ली, चार अक्टूबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार (तीन अक्टूबर) को हुए विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस ने क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंप दी है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
महिला पत्रकार ने ACP पर लगाया आरोप
उल्लेखनीय है कि शनिवार को एक महिला पत्रकार ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। महिला पत्रकार ने बताया कि वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को कवर कर रही थीं। इसी दौरान एक एसीपी ने कथित तौर पर उनके साथ यौन उत्पीड़न किया।
पत्रकार ने आरोप लगाया, ‘पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे और मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। मैंने दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत से पूछा कि महिला पुलिसकर्मी क्यों मौजूद नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने मेरे साथ यौन उत्पीड़न किया और मुझे पीछे धकेल दिया।’
DCP (PRO) ने कहा – मैनहैंडलिंग की शिकायतें क्राइम ब्रांच के पास भेजी गईं
वहीं प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली पुलिस की DCP (PRO) नेहा यादव ने कहा कि तीन महिलाओं ने हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित तौर पर मैनहैंडलिंग की शिकायत दी है। शिकायतों को क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया गया है।
DCP नेहा यादव के अनुसार नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के बावजूद AISA और अन्य संगठनों ने तीन अक्टूबर को SIR के विरोध में प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को इलाके में BNSS की धारा 163 लागू होने की जानकारी दी गई और प्रदर्शन स्थल खाली करने की चेतावनी दी गई। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी का पालन नहीं किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेने की काररवाई की गई।
‘तीन महिलाओं ने खुद को पत्रकार बताया‘
नेहा यादव ने कहा, ‘शाम करीब छह बजे तीन महिलाओं ने, जिन्होंने खुद को पत्रकार बताया, हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से मैनहैंडलिंग किए जाने की शिकायत दी।’ उन्होंने बताया कि तीनों महिलाओं की शिकायत दर्ज कर ली गई है और उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। मामले को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया गया है।
पुलिस ने मांगे घटना से जुड़े वीडियो
इसी क्रम में दिल्ली पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो या फुटेज रखने वाले लोगों से भी सामने आने की अपील की है। DCP नेहा यादव ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस घटना से संबंधित कोई वीडियो या अन्य फुटेज मौजूद है तो वह उसे क्राइम ब्रांच के साथ साझा करे। पुलिस का कहना है कि शिकायतों को क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया गया है, जो मामले में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने जताई नाराजगी
इस बीच प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर ‘हैरानी और निराशा’ जताई है। साथ ही दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल काररवाई की मांग की है। प्रेस काउंसिल ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं माना जा सकता। पत्रकारों को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से काम करने और अलग-अलग मुद्दों को लेकर जुटने वाले लोगों तथा घटनाओं को रिकॉर्ड करने की आजादी मिलनी चाहिए।
जंतर-मंतर इलाके में इंटरनेट बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर और उसके आसपास इंटरनेट बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया है। प्रेस क्लब ने कहा, ‘लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जा सकता।’
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
उधर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी तीन महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दर्जनों पत्रकारों के प्रदर्शन के बावजूद न FIR दर्ज की गई और न ही कोई ठोस काररवाई हुई।’
https://twitter.com/priyankagandhi/status/2106640045490971072
कांग्रेस नेता ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ पुलिस के कथित व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं का भी आरोप है कि पुलिस उनके साथ बहुत अभद्र तरीके से पेश आ रही है।’
‘पुलिस से ही महिलाएं खतरा महसूस कर रहीं‘
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘जिस पुलिस का काम सुरक्षा देना है, उससे ही महिलाएं खतरा महसूस कर रही हैं। कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकार तक- हर जगह महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए सवाल किया, ‘क्या महिलाओं के साथ ये बर्ताव उचित है? यदि नहीं तो आप इसका संज्ञान क्यों नहीं लेते?’


