रामनगर का श्री हनुमान धाम: एक साथ होते हैं बजरंगबली के 9 स्वरूप और 12 लीलाओं के दर्शन

नैनीताल, 29 सितंबर। उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों और शांत वातावरण के बीच नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित श्री हनुमान धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र है। घने जंगलों, पहाड़ों और कल-कल बहती नदियों से घिरा यह धाम धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। मान्यता है कि श्री हनुमान धाम में बजरंगबली के नौ स्वरूपों और 12 पावन लीलाओं, यानी कुल 21 दिव्य रूपों के दर्शन एक ही स्थान पर किए जा सकते हैं। मंदिर परिसर में हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों को बेहद आकर्षक तरीके से दर्शाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र हैं।

हनुमान जी के इन स्वरूपों के होते हैं दर्शन

धाम में मां अंजनी के साथ हनुमान जी के बाल स्वरूप से लेकर श्रीराम के चरणों में दास स्वरूप, पंचमुखी हनुमान, संजीवनी हनुमान और पराक्रमी हनुमान के स्वरूपों के दर्शन होते हैं। इसके अलावा हनुमान जी के उस दिव्य स्वरूप को भी दर्शाया गया है, जिसमें उनके हृदय में भगवान श्रीराम और माता सीता विराजमान हैं। मंदिर में मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान पूरा परिसर हनुमान जी के जयकारों से गूंज उठता है।

मनोकामना पूरी होने की मान्यता

श्री हनुमान धाम को श्रद्धालुओं के बीच इच्छापूर्ति धाम के रूप में भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्त यहां अपनी मनोकामना कागज पर लिखकर भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं। इसके अलावा मन्नत की चुनरी और ध्वजा भी बांधी जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बजरंगबली उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसी आस्था के चलते यह धाम कुमाऊं क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में पहचान बना रहा है और इसे कई लोग कुमाऊं का पांचवां धाम भी कहने लगे हैं।

धाम के प्रवेश द्वार की खासियत

श्री हनुमान धाम का मुख्य प्रवेश द्वार भी आकर्षण का केंद्र है। मंदिर का धनुषाकार प्रवेश द्वार दो मछलियों की आकृतियों से सुसज्जित है। धार्मिक मान्यताओं में मछली को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी किया मंदिर का जिक्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी श्री हनुमान धाम को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने मंदिर का वीडियो पोस्ट करते हुए इसे आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव का स्थल बताया। मुख्यमंत्री ने नैनीताल आने वाले लोगों से इस पवित्र धाम के दर्शन करने की अपील भी की। प्रकृति की गोद में बसा श्री हनुमान धाम धार्मिक आस्था, भक्ति और प्राकृतिक शांति का अनूठा संगम है। यही वजह है कि रामनगर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच यह स्थल लगातार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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