यूपी : कानपुर में 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, दुबई से संचालित गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

कानपुर, 29 अगस्त। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह दुबई में बैठे सरगना सुल्तान मिर्जा के इशारे पर भारत में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। थाना फजलगंज पुलिस ने इस गिरोह के तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।

लोगों को लालच देकर बैंकों में फर्जी अकाउंट खुलवाता था गिरोह

पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य रूप से कपिल वर्मा उर्फ सेंटी निवासी फतेहपुर, हाल पता कानपुर, अभय प्रताप सिंह और रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह निवासी कानपुर नगर शामिल हैं। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को लोन या पैसों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट और एयरटेल के मर्चेंट पेमेंट अकाउंट खुलवाता था।

गिरोह हर माह करीब 15 हजार नए खाते खुलवाता था। प्रत्येक खाता खोलने पर इन्हें 40,000 से 80,000 रुपये तक मिलते थे। मर्चेंट पेमेंट अकाउंट्स को बंद होने में कम से कम 10 दिन का समय लगता था और एक आईडी पर तीन खाते मिलते थे। प्रत्येक खाते से एक-एक लाख रुपये का ट्रांजैक्शन होता था, इस प्रकार मात्र 10 दिन के भीतर एक खाते से लगभग 30 लाख रुपये तक की ठगी का पैसा घुमाया जाता था।

एनसीआर, लखनऊ और दुबई तक फैले हैं नेटवर्क के तार

ठगी की इस रकम को यूपीआई और बार-कोड के माध्यम से सीधे विदड्रॉल या इस्तेमाल किया जाता था। गिरोह को मिलने वाले अवैध कमीशन का 40% हिस्सा इनके पास रहता था जबकि बाकी रकम हवाला और क्रिप्टो करेंसी के जरिए दुबई ट्रांसफर कर दी जाती थी। इस नेटवर्क के तार एनसीआर, लखनऊ और दुबई तक फैले हुए हैं।

लैपटॉप व पीओएस मशीन सहित बड़ी संख्या में एटीएम/क्रेडिट कार्ड बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में अवैध सामान और दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें तीन लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, चार पीओएस मशीन, 89 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, प्री-ऐक्टिवेटेड सिम कार्ड समेत कुल 37 सिम कार्ड, 15 चेक बुक, 18 पासबुक, चार हिसाब-किताब रजिस्टर, दो आधार कार्ड की छायाप्रति, एक इंक पैड, चार रबर मोहर, एक पेन, एक नकली रबर कार, यूपीआई क्यूआर कोड, प्राइवेट फर्मों के आवेदन पत्र और 1300 रुपये नकद शामिल हैं।

ठगी के इस धंधे में कुछ बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत की आशंका

कानपुर पुलिस अब सुल्तान मिर्जा (दुबई) के अलावा केपी, अमित सिंह, आशीष और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस ठगी में कुछ बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है, जिसकी गहराई से जांच-पड़ताल की जा रही है और संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ प्रभावी वैधानिक काररवाई की जाएगी।

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