राजस्थान के 14वें सीएम भजन लाल शर्मा ने ली शपथ, दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा बने डिप्टी सीएम

जयपुर, 15 दिसम्बर। भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां अपने 56वें जन्मदिन पर राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण कर लिया। रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हाल के बाहर अपराह्न आयोजित समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम भजन लाल को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। भजन लाल के साथ ही राजघराने की श्रीमती दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने मंत्रिमंडलीय सदस्य के रूप में और उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

पीएम मोदी, अमित शाह व पूर्व सीएम गहलोत सहित कई दिग्गज रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई दिग्गज नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। राज्य के निर्वतमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अन्य नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

33 वर्षों बाद कोई ब्राह्मण बना राजस्थान का CM

उल्लेखनीय है सांगानेर से विधायक भजन लाल शर्मा पहली बार ही विधानसभा पहुंचे हैं और पहली ही बार में भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया है। शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं और इस समाज से आने वाला कोई शख्स 33 वर्षो बाद राजस्थान का मुख्यमंत्री बना है।

गहलोत व केंद्रीय मंत्री शेखावत मंच पर पास-पास नजर आए

खास बात यह रही कि अशोक गहलोत समारोह में मंच पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के पास बैठे और उनसे बात करते नजर आए। यही नहीं वरन गहलोत समारोह में पहले पहुंचने वाले नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने मंच पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया और शेखावत से गर्मजोशी से मुलाकात की। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मंच पर मौजूद रहीं।

शपथ ग्रहण से पहले गोविंद देवजी मंदिर में दर्शन-पूजन

शपथ ग्रहण समारोह से पहले भजन लाल शर्मा ने सुबह यहां गोविंद देवजी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और टोंक रोड पर पिंजरापोल गोशाला में गायों को चारा भी खिलाया। उन्‍होंने अपने दिन की शुरुआत प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की थी। परिवार के सदस्यों और समर्थकों के साथ शर्मा बाद में गोशाला पहुंचे थे। उन्‍होंने घर पहुंचकर अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया।

गौरतलब है कि विधानसभा की 200 में से 199 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की और कांग्रेस से सत्ता छीन ली, जो 69 सीटों पर सिमट गई। करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था, जहां अब आगामी पांच जनवरी को मतदान होगा।

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