राजस्थान :  अशोक गहलोत के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा अगला विधानसभा चुनाव – शांति धारीवाल

नई दिल्ली, 30 अप्रैल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि अशोक गहलोत ही प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और अगले वर्षांत प्रस्तावित राज्य विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली आए धारीवाल ने शनिवार को यह भी कहा कि राजस्थान की जनता, कांग्रेस के विधायक और पार्टी आलाकमान यही चाहते हैं कि गहलोत मुख्यमंत्री बने रहें।

गहलोत के करीबी माने जाने वाले शहरी विकास, कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल का यह बयान उस वक्त आया है, जब पिछले दिनों मीडिया के एक हिस्से में ऐसी खबरें आई थीं कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान से समय रहते राजस्थान सरकार में नेतृत्व परिवर्तन करने के लिए कहा है, हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर ऐसी खबरों को मनगढ़ंत बताया था।

जनता, आलाकमान व विधायकों की यही इच्छा – गहलोत ही बने रहें मुख्यमंत्री

राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें संबंधी खबरों के बारे में पूछे जाने पर धारीवाल ने पायलट का नाम लिए बगैर उनपर निशाना साधते हुए कहा, ‘मीडिया में छपवाते रहते हैं ताकि जिंदा रहें, बस इतनी सी बात है।’ उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘वास्तविकता तो यह है कि जनता भी चाहती है, आलाकमान भी चाहता है और सारे विधायक चाहते हैं कि अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बने रहें। वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे।’

राजस्थान में नहीं पैदा होगी पंजाब जैसी स्थिति

पायलट की पिछले दिनों कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा, ‘आलाकमान सबसे मुलाकात करते हैं। सबको साथ लेकर चलते हैं।’ इस सवाल पर कि क्या राजस्थान में भी चुनाव से पहले पंजाब जैसी स्थिति हो जाएगी, उन्होंने कहा, ‘पंजाब जैसी स्थिति यहां कहां बनने वाली है। यहां कौन है ऐसी स्थिति बनाने वाला?’

देखा जाए तो राजस्थान में कांग्रेस में कथित अंदरूनी कलह की पृष्ठभूमि में हाल के दिनों में पहली बार पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने खुलकर इस तरह की टिप्पणी की है। गहलोत और पायलट पिछले कुछ वर्षों से राजस्थान में कांग्रेस के दो विपरीत ध्रुव के तौर पर देखे जा रहे हैं। पायलट के समर्थक नेता और विधायक समय-समय पर यह मांग करते रहे हैं कि राजस्थान सरकार की कमान पायलट को सौंपी जाए, हालांकि पूर्व उप मुख्यमंत्री की तरफ से इस बारे में अब तक कुछ खुलकर नहीं कहा गया है।

सचिन पायलट ने पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी। वहीं गहलोत ने भी प्रशांत किशोर के विषय पर पार्टी में हुए मंथन के दौरान सोनिया से मुलाकात की थी। राजस्थान में 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है।

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