लखनऊ, 13 सितंबर। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से पहले पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्त देखे जाते हैं। 13 सितंबर 2026, रविवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी, जो सुबह 7:08 बजे तक है। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी।
आज वराह जयंती पर करें भगवान विष्णु की पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस अवसर पर भगवान विष्णु का ध्यान और पूजन करने के साथ श्रीमद्भागवत पुराण के तीसरे स्कंध का पाठ तथा विष्णु सहस्रनाम का जाप किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
13 सितंबर का सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग के अनुसार, रविवार को सूर्योदय सुबह 6:16 बजे और सूर्यास्त शाम 6:29 बजे होगा। वहीं, चंद्रोदय सुबह 8:03 बजे और चंद्रास्त शाम 7:47 बजे होगा।
13 सितंबर 2026 का नक्षत्र और योग
इस दिन हस्त नक्षत्र दोपहर 1:06 बजे तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। वहीं, शुक्ल योग दोपहर 1:43 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ब्रह्म योग प्रारंभ होगा।
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल सुबह 7:03 बजे से 8:40 बजे तक रहेगा। शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त चुनते समय स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित माना जाता है।
आज का राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड
13 सितंबर, रविवार को राहुकाल शाम 4:57 बजे से 6:29 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए शुभ कार्य शुरू करने से परंपरागत रूप से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल: शाम 4:57 बजे से 6:29 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:25 बजे से 4:57 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 12:22 बजे से 1:54 बजे तक
पश्चिम दिशा में रहेगा दिशाशूल
पंचांग के अनुसार रविवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण यात्रा टालना संभव न हो, तो प्रचलित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संबंधित उपाय करके यात्रा शुरू की जा सकती है।
13 सितंबर 2026: आज की जरूरी जानकारी
दिन: रविवार
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वितीया सुबह 7:08 बजे तक, फिर तृतीया
नक्षत्र: हस्त दोपहर 1:06 बजे तक, फिर चित्रा
योग: शुक्ल दोपहर 1:43 बजे तक, फिर ब्रह्म
अभिजीत मुहूर्त: 11:58 AM से 12:47 PM
अमृत काल: 7:03 AM से 8:40 AM
राहुकाल: 4:57 PM से 6:29 PM
गुलिक काल: 3:25 PM से 4:57 PM
यमगंड: 12:22 PM से 1:54 PM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा
डिस्क्लेमर: पंचांग के मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की गणना स्थान के अनुसार कुछ अलग हो सकती है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं को परंपरागत मान्यता के रूप में ही लें।


