सतना-चित्रकूट में बारिश का कहर : मानिकपुर का गोगा बांध टूटा, रामघाट का 300 मीटर लंबा पुल बहा, बाढ़ जैसे हालात

सतना/चित्रकूट, 29 अगस्त। मध्य प्रदेश के सतना जिले व धर्मनगरी चित्रकूट में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कहर से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। मंदाकिनी व बरदहा नदियों के साथ आसपास के कई नाले उफान पर हैं और रिहायशी इलाकों में विकट स्थिति है। सड़कों से लेकर पुलिस थानों, पेट्रोल पंपों और घरों के भीतर तक पानी घुस गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

लगातार बारिश के बीच शनिवार सुबह करीब सात बजे मानिकपुर में गोगा बांध का एक हिस्सा ध्वस्त होने से हालात और बिगड़ गए, जब बांध का पानी आसपास के गांवों में तेजी से घुस गया। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया। मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की सीमा से बहने वाली बरदहा नदी भी रौद्र रूप में है। पानी के तेज बहाव के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका है।

 

छेरिहा और कल्याणपुर गांव बुरी तरह प्रभावित

डोडा बांध के आसपास स्थित डोडा, छेरिहा, जारोमाफी और कल्याणपुर गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। छेरिहा गांव में पानी घुसने से करीब आधा दर्जन मकान ढह गए, जिससे कई ग्रामीणों के सिर से आशियाना छिन गया। कल्याणपुर के ग्रामीणों ने बताया कि घरों में करीब दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। इससे घर में रखा राशन, अनाज, कपड़े और गृहस्थी का सामान भीगकर खराब हो गया। ग्रामीणों के सामने भोजन की समस्या भी खड़ी हो गई है।

बरदहा नदी उफान पर, कई गांवों में अलर्ट

उधर, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश तथा बांध का कुछ हिस्सा टूटने से पानी गांव से होता हुआ नदी में पहुंच गया, जिसके कारण बरदहा नदी भी उफान पर है। गिदुरहा, रानीपुर और चमरौहां गांवों में नदी का पानी प्रवेश करने लगा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि अगले दो-तीन घंटे तक नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।

पुलिस मुस्तैद, सिंचाई विभाग रख रहा नजर

हालात को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. सड़कों और रापटों के ऊपर पानी बहने से पुलिस व एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। तेज बहाव के कारण फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका है। मारकुंडी थाना और हल्दी डांडी चौकी की पुलिस मौके पर तैनात है और ग्रामीणों को तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने तथा गहरे पानी में जाने से रोक रही है। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग शशिकांत प्रसाद ने बताया कि लगातार बारिश के चलते डोडा बांध में क्षमता से अधिक पानी भर गया था, जिसके चलते ओवरफ्लो होकर बांध का कुछ हिस्सा टूट गया।

नागौद थाने में घुसा घुटनों तक पानी

सतना जिले के नागौद में बाढ़ का पानी पुलिस थाने और सिंहपुर चौराहे स्थित बागरी पेट्रोल पंप के भीतर समा गया। शहर में कोतवाली चौक से कलेक्ट्रेट जाने वाले प्रमुख मार्ग पर कमर तक पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

बिरसिंहपुर के कई इलाकों में पानी भरने से हालात बिगड़े

ग्रामीण इलाकों की स्थिति भी चिंताजनक है। बिरसिंहपुर के कई मोहल्लों में पानी भरने से लोगों के घरों में अनाज व सामान भीग गया। कोटर, कोठी और नागौद के निचले इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सतना के कोठी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक कच्चा मकान ढह गया, जिसके मलबे में दबकर 4 में से 2 मवेशियों की मौत हो गई।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ लाइन के प्रभाव से सतना सहित पूरे रीवा संभाग में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 

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