नई दिल्ली, 25 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार की देर शाम 53वीं प्रगति बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने नौ राज्यों में फैली 30,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली छह प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की और कहा कि ऐसी परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है बल्कि लोगों, उद्योगों और अर्थव्यवस्था को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है।
उल्लेखनीय है कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधारित बहु-माध्यम मंच ‘प्रगति’ को केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के अपराधों की रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत करें
प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान ने साइबर धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की भी समीक्षा की और कहा कि प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देकर ऐसे अपराधों की रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को धोखाधड़ी के आम तौर-तरीकों, खतरे के संकेतों और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल के बारे में जानकारी देने के लिए निरंतर और लक्षित जन-जागरूकता अभियान चलाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों के नियमित क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि साइबर धोखाधड़ी के नए तौर-तरीकों की जल्द पहचान कर समय पर कार्रवाई की जा सके।
प्रधानमंत्री ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘नौ राज्यों में रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्रों से जुड़ी 30,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आज की ‘प्रगति’ बैठक में समीक्षा की गई। हमारा ध्यान बेहतर संपर्क, तेज विकास, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और कम देरी पर है।’’
Rs. 30,000 crore worth of projects across 9 states covering railways, roads and power sectors…this is what we reviewed during today’s PRAGATI session.
Focus areas remain – better connectivity, higher growth, better public services and lesser delays.
Here are the details……
— Narendra Modi (@narendramodi) August 25, 2026
रेलवे, सड़क व बिजली क्षेत्रों की 6 प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा
एक बयान के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्रों की छह प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनकी कुल लागत 30,000 करोड़ रुपये से अधिक है। क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करने, औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, लंबित मुद्दों के समाधान और इनके समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है बल्कि इससे नागरिकों, उद्योगों और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभों में भी देरी होती है। उन्होंने कहा कि अवसंरचना परियोजनाओं को अलग-अलग खंड, हिस्से या पैकेज के रूप में देखने के बजाय समग्र रूप से देखा जाना चाहिए और इसी तरह उनकी निगरानी की जानी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि अलग-अलग पैकेज में हुई प्रगति का अंतिम परिणाम पूरी परियोजना को समय पर पूरा करने और उसे चालू करने के रूप में सामने आना चाहिए। इसी के मद्देनजर मंत्रालयों और राज्यों से परियोजनाओं को शुरू से अंत तक समग्र रूप में देखने और ऐसी महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने को कहा गया, जो पूरी परियोजना को क्रियान्वित करने तथा उसके लाभ लोगों तक पहुंचाने में देरी का कारण बन सकती हैं।
मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सक्रिय कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के हर स्तर पर अधिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बड़ी परिवहन और अवसंरचना परियोजनाओं की योजना बनाते समय जहां संभव हो, वहां विभिन्न सेवाओं के लिए साझा गलियारे विकसित करने पर विचार किया जाना चाहिए।
काम की गति बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
पीएम मोदी ने मंत्रालयों और राज्यों से तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने के चरण में ही ऐसे एकीकृत उपायों पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि काम की गति बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों, राज्यों और परियोजनाओं को लागू करने वाली एजेंसियों से आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने तथा हर चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करने को कहा।
‘एग्रीस्टैक’ व्यवस्था तैयार करने में राज्यों एवं केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री ने डिजिटल कृषि मिशन के तहत ‘एग्रीस्टैक’ की समीक्षा करते हुए कृषि संबंधी आंकड़ों का अधिक प्रभावी उपयोग करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े आंकड़ों का इस्तेमाल बीज, खाद और अन्य जरूरतों की योजना बनाने से लेकर कृषि उपज के प्रसंस्करण तक पूरी प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि बेहतर फैसले लिए जा सकें और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाया जा सके। बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने ‘एग्रीस्टैक’ व्यवस्था तैयार करने में राज्यों एवं केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की।


