ताशकंद, 30 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान दौरे के दूसरे दिन रविवार को ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान में शास्त्री स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ मिलकर एक पौधा लगाया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दिवंगत पीएम लाल बहादुर शास्त्री का ‘जय जवान, जय किसान’ का कालजयी नारा पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है और जीवन सादगी, साहस और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था।’
Paid homage to former Prime Minister Lal Bahadur Shastri Ji in Tashkent.
We remember a towering statesman whose unwavering commitment to the nation continues to inspire generations.
Toshkentda sobiq Bosh vazir Lal Bahodur Shastri Ji xotirasiga hurmat bajo keltirdim.
Biz… pic.twitter.com/wn06aHxSGi
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
स्मरण रहे कि भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का 11 जनवरी, 1966 को उज्बेक राजधानी में अचानक निधन हो गया था। यह घटना 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करने वाले ऐतिहासिक ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद हुई।
एमईए ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि पीएम मोदी और मिर्जियोयेव ने भारत की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल और उज्बेकिस्तान की ‘यशिल माकोन’ हरित मुहिम के तहत राष्ट्रपति भवन के बगीचे में संयुक्त रूप से एक पौधा भी लगाया। पोस्ट में कहा गया, ‘यह कदम एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य को बढ़ावा देने के प्रति भारत और उज्बेकिस्तान की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’
From Tashkent, a shared commitment for a better planet.
President Shavkat Mirziyoyev and I planted a sapling, bringing together India’s ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree for Mother) initiative and Uzbekistan’s ‘Yashil Makon’ programme.
We will always work to expand green cover and… pic.twitter.com/KAbXXUyVcX
— Narendra Modi (@narendramodi) August 30, 2026
पीएम मोदी ने इसके पूर्व कुक्सारोय प्रेसिडेंशियल पैलेस में मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। इसमें व्यापार और निवेश, नवोन्मेष और स्टार्ट-अप, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और यूपीआई, रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और औषधि, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा, पर्यटन, अंतरिक्ष और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल थे।
बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने अपनी द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। वे 2030 तक पांच अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य तय करने पर भी सहमत हुए और आर्थिक व निवेश संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया।
इससे पहले पीएम मोदी को विदेशी नेताओं के लिए उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ओली दराजाली दोस्तलिक’ ऑर्डर से सम्मानित किया गया। उज्बेकी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।


