कोलकाता, 30 अगस्त। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा उखाड़कर पास के जंगल में फेंके जाने के आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में रोष व्याप्त है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने प्रतिमा को तुरंत वापस लगाने और इसमें शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है और त्वरित काररवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्गापुर में हर्षवर्धन प्राइमरी स्कूल के पास एक मेडिटेशन सेंटर के सामने लंबे समय से लगी पं. नेहरू की प्रतिमा को क्रेन से हटाकर पास के जंगल में फेंक दिया गया। जैसे ही यह घटना सामने आई, स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया। इसके विरोध में, जिला कांग्रेस लीडरशिप ने प्रदर्शन किया और मांग की कि प्रशासन प्रतिमा को उसकी असली जगह पर वापस स्थापित करे।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि यह सिर्फ प्रतिमा का अपमान नहीं है बल्कि यह घटना देश की आजादी की लड़ाई, लोकतांत्रिक विरासत और आधुनिक भारत के निर्माण के इतिहास से जुड़ी हुई है। उन्होंने घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू सिर्फ कांग्रेस के एक नेता नहीं थे, वे एक स्वतंत्रता सेनानी, भारत के पहले प्रधानमंत्री और आधुनिक भारत के प्रमुख वास्तुकारों में से एक थे।’ उन्होंने कहा कि नेहरू की मूर्ति को उखाड़कर जंगल में फेंकना किसी भी तरह से एक सामान्य मामला नहीं माना जा सकता।
Press Release
The Pradesh Congress strongly condemns the desecration of the statue of the country's first Prime Minister, Pandit Jawaharlal Nehru; Shri @subhankar_cong demands the immediate reinstallation of the statue and the arrest of the culprits.
Kolkata, August 30, 2026:… pic.twitter.com/SImtSOHvX8
— West Bengal Congress (@INCWestBengal) August 30, 2026
कांग्रेस ने व्यापक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी
कांग्रेस ने इतिहास को मिटाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए राज्य और स्थानीय दोनों स्तरों पर प्रशासन और पुलिस के सामने दो मुख्य मांगें रखी हैं – पहली, नेहरू की प्रतिमा को उचित सम्मान के साथ उसके मूल स्थान पर तुरंत स्थापित किया जाए, और दूसरी, इस घटना में शामिल लोगों की तुरंत पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस ने साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू कर सकती है।
भाजपा विधायक चंद्रशेखर ने घटना के लिए कांग्रेस की अंदरूनी कलह को जिम्मेदार ठहराया
हालांकि, दुर्गापुर पूर्व से भाजपा विधायक चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय ने इस पूरी घटना के लिए कांग्रेस की अंदरूनी कलह को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रतिमा हटाने से कोई संबंध नहीं है और न ही वह ऐसे कृत्यों का समर्थन करती है। उनका दावा है कि बदलते राजनीतिक माहौल में, तृणमूल के कई सदस्य कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं और राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने के लिए विवाद खड़े कर रहे हैं।


