नई दिल्ली, 29 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह उज्बेकिस्तान के लिए रवाना हो गए। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर पीएम मोदी ताशकंद पहुंचेगे। इसके बाद वह किर्गिज का भी दौरा करेंगे, जहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा 29 अगस्त से 1 सितंबर तक प्रस्तावित है।
उज्बेकिस्तान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत में ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ के साझा विजन को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।
सांस्कृतिक संबंधों को भी देंगे महत्व
प्रधानमंत्री मोदी अपने उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे। पीएम मोदी के मुताबिक, ये दोनों स्थान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों का प्रतीक हैं।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। दौरे के दौरान वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी करेंगे। माना जा रहा है कि बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
किर्गिज में SCO शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी 1 सितंबर को किर्गिज की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। वह किर्गिज के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। भारत वर्ष 2017 से इस संगठन का सक्रिय सदस्य रहा है।
पीएम मोदी के अनुसार, भारत SCO के माध्यम से सुरक्षा, संपर्क और अवसरों पर आधारित क्षेत्रीय सहयोग के अपने विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ को क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री मोदी किर्गिज दौरे के दौरान राष्ट्रपति सादिर झापारोव और SCO के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह छठे ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ल्ड नोमैड गेम्स मध्य एशिया की समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जिसका भारत सम्मान करता है।
मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। इसके साथ ही इससे भारत और मध्य एशिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यही मूल्य दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव के केंद्र में हैं।


