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G7 समिट : पीएम मोदी पारंपरिक ग्रुप फोटो के लिए दुनिया के नेताओं के साथ हुए शामिल

G7 समिट : पीएम मोदी पारंपरिक ग्रुप फोटो के लिए दुनिया के नेताओं के साथ हुए शामिल

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एवियन लेस बेंस (फ्रांस), 16 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को फ्रांस के एवियन लेस बेंस में 52वें G7 शिखर सम्मेलन में पारंपरिक ग्रुप फोटो सेशन के लिए कई वैश्विक नेताओं के साथ शामिल हुए।

इस खास फोटो में पीएम मोदी के साथ दुनिया के कई अहम नेता भी शामिल थे, जिनमें यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा शामिल थे।

पीएम मोदी व ट्रंप 16 माह बाद मिले, G7 समिट में मिलाया हाथ

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ही पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेता एक दूसरे से हाथ मिलाते हुए नजर आए और संक्षिप्त बातचीत भी की। लगभग 16 माह में यह पहला मौका है, जब पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात हुई है। इससे पहले दोनों नेता फरवरी 2025 में वॉशिंगटन डीसी स्थित ह्वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मिले थे। तब ट्रंप ने करीब एक महीने पहले ही दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, लेकिन तब से भारत-अमेरिका संबंधों में काफी तनाव आया है।

मैक्रों ने आयोजन स्थल पर पीएम मोदी का स्वागत किया

ग्रुप फोटो लेने से पहले, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एवियन, फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन 2026 के आयोजन स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक निमंत्रण पर, पीएम मोदी इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शामिल होने के लिए मंगलवार को ही फ्रांस के इस शहर में पहुंचे थे। यह खास निमंत्रण एक पार्टनर देश के तौर पर शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं भागीदारी को दर्शाता है, साथ ही यह लगातार सातवीं बार है, जब प्रधानमंत्री इस वैश्विक मंच में हिस्सा ले रहे हैं।

फ्रांस पहुंचने से पहले पीएम मोदी ने जिनेवा में स्विस राष्ट्रपति परमेलिन से की मुलाकात

स्लोवाकिया से फ्रांस वापसी के रास्ते प्रधानमंत्री मोदी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में कुछ देर के लिए रुककर स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की और अपनी यूरोपीय राजनयिक पहल की शुरुआत की। इस संक्षिप्त पड़ाव के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया और भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।

इन शुरुआती राजनयिक मुलाकातों के बाद एवियन में भारत की सक्रिय भागीदारी की रूपरेखा तैयार करते हुए, पीएम मोदी “नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण” (Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity) शीर्षक वाले एक अहम वर्किंग सेशन में हिस्सा लेंगे।

इस सेशन में G7 देशों, पार्टनर देशों और वर्ल्ड बैंक व अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक जैसे प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों के प्रमुख एक साथ आएंगे। इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सतत विकास और गंभीर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इन सामूहिक सत्रों के अलावा, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम इस इवेंट के दौरान कई हाई-लेवल डिप्लोमैटिक मुलाकातों से भरा हुआ है। वे दुनिया के कई नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिनमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शामिल हैं।

पीएम मोदी व ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक बुधवार को

इस व्यस्त डिप्लोमैटिक शेड्यूल के साथ ही, 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी की एक अहम द्विपक्षीय बैठक भी होने वाली है। ह्वाइट हाउस ने पुष्टि की है कि इस बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर खास तौर पर ध्यान दिया जाएगा।

फ्रांस पहुंचने से पहले पीएम मोदी की कई देशों की डिप्लोमैटिक यात्राओं के क्रम में स्लोवाकिया की यात्रा एक अहम पड़ाव थी। यह यात्रा ऐतिहासिक थी क्योंकि 1993 में मध्य यूरोपीय देश के आजाद होने के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा थी। यात्रा के इस शुरुआती चरण में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में बड़ा सुधार हुआ। दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (Comprehensive Partnership) के स्तर तक बढ़ाया, जिससे टेक्नोलॉजी, डिफेंस, व्यापार, शिक्षा, इनोवेशन और लोगों के बीच आपसी संबंधों में बेहतर सहयोग का रास्ता खुला।

G7 मंच पर जाने से ठीक पहले स्लोवाकिया की उस ऐतिहासिक यात्रा के सफल समापन पर खुशी जताते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और फलदायी यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में बहुत मददगार साबित होंगे। व्यापारिक संबंध मजबूत होने से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा। स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के स्नेह के लिए मैं उनका आभारी हूं। मुझे विदा करने के लिए आने पर मैं प्रधानमंत्री फिको का भी बहुत आभारी हूं।’

प्रधानमंत्री की यात्रा के क्रम को बताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शुरुआती यात्रा ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों में सफलतापूर्वक एक नया अध्याय लिखा है और सहयोग का ऐसा माहौल बनाया है जिसे पीएम मोदी अब G7 की व्यापक चर्चाओं में भी आगे बढ़ाएंगे।

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