टीकाकरण की कमजोर गति : पीएम मोदी का नए तरीके अपनाने की आवश्यकता पर जोर

नई दिल्ली, 3 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कम कोविड टीकाकरण कवरेज वाले जिलों में टीकाकरण बढ़ाने के लिए नए तरीके अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। पांच दिवसीय विदेश यात्रा से बुधवार की भोर में ही लौटने के बाद उन्होंने मध्याह्न में कम टीकाकरण कवरेज वाले जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं।

शत-प्रतिशत टीकाकरण हासिल करने के लिए ‘हर घर दस्तक‘ अभियान

पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि सरकार शत-प्रतिशत टीकाकरण हासिल करने के लिए ‘हर घर दस्तक’ अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में 50 प्रतिशत से कम लोगों को टीके लगे हैं, वहां लोगों को जागरूक बनाने पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए। उन्होंने जागरूकता अभियान में धर्मगुरुओं का सहयोग लेने पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण अभियान में इच्छुक राज्य इस अभियान में राष्‍ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्‍ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कैडेटों की भी मदद ले सकते हैं।

इस समीक्षा बैठक में 40 से ज्यादा ऐसे जिलों के अधिकारी शामिल थे, जहां कोविड टीके की पहली डोज का दायरा 50 प्रतिशत से कम है। साथ ही दूसरी डोज भी कम लगाई गई है। टीकाकरण के कम दायरे वाले जिले झारखंड, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और मेघालय सहित अन्य राज्यों से हैं। समीक्षा बैठक के दौरान इन राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।

78 फीसदी पात्र जनसंख्या को कोविड टीके की पहली डोज दी जा चुकी है

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक देश में लगभग 78 प्रतिशत पात्र जनसंख्या को कोविड टीका की पहली डोज लगा दी गई है जबकि 35 प्रतिशत पात्र जनसंख्या को दूसरी डोज दी गई है।

दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 114 करोड से अधिक कोविड टीके निःशुल्‍क उपलब्‍ध कराए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि राज्यों के पास अभी 14.68 करोड़ अधिक कोविड टीके शेष हैं।

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