इस्लामाबाद, 5 अक्टूबर। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर एक बार फिर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च शुरू किया है। सरकार और PTI नेताओं के बीच बातचीत के दो दौर के बाद भी कोई सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद पार्टी ने मार्च का रास्ता अपनाया है।
स्थिति को देखते हुए इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। शहर में प्रवेश को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। संसद और प्रमुख राजमार्गों की सुरक्षा बढ़ाते हुए कई रास्तों को कंटेनर लगाकर बंद किया गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि PTI समर्थकों का यह काफिला इस्लामाबाद तक पहुंच पाएगा या सरकार उसे रास्ते में ही रोक देगी।
दो दौर की बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
PTI और सरकार के वार्ताकारों के बीच बातचीत का दूसरा दौर शनिवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ था। यह वार्ता रातभर चली, लेकिन रविवार तड़के बिना किसी ठोस सहमति के समाप्त हो गई। इसके बाद PTI समर्थकों ने इस्लामाबाद की ओर मार्च जारी रखने का फैसला किया।
PTI का दावा- करीब 2 हजार कार्यकर्ता गिरफ्तार
PTI समर्थकों ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से लॉन्ग मार्च शुरू किया। रविवार 4 अक्टूबर से शुरू हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में समर्थक गांडी चौक पर एकत्र हुए और वहां से काफिले के साथ आगे बढ़े। हजारों प्रदर्शनकारी करीब 275 किलोमीटर दूर इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं। PTI का दावा है कि उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, सरकार ने इस्लामाबाद में संसद और हाईवे समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। कई प्रमुख मार्गों पर कंटेनर लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया है।
पहले 27 सितंबर को होना था मार्च
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने पहले 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, सरकार की ओर से विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने के बाद इसे 4 अक्टूबर तक टाल दिया गया था। PTI नेताओं की प्रमुख मांगों में जेल में बंद इमरान खान से पार्टी नेताओं और समर्थकों को मुलाकात की अनुमति देना शामिल है। इसके अलावा पार्टी इमरान खान के स्वास्थ्य की जांच के लिए निजी डॉक्टरों को अनुमति देने की मांग भी कर रही है।
इमरान समर्थकों के काफिले का रूट
PTI ने मार्च के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम तैयार किया है। इसके मुताबिक काफिला अलग-अलग स्थानों पर रुकते हुए इस्लामाबाद की ओर आगे बढ़ेगा।
4 अक्टूबर: काफिला रात में करक के पास रुकेगा।
5 अक्टूबर: दोपहर 12:30 बजे करक से रवाना होकर रात में कोहाट के पास ठहरने की योजना है।
6 अक्टूबर: दोपहर 12 बजे कोहाट, हंगू, कुर्रम और ओरकजई के प्रदर्शनकारी काफिले में शामिल होंगे। इसके बाद काफिला पेशावर की ओर बढ़ेगा और रात मत्तानी के पास रुकेगा।
7 अक्टूबर: दोपहर में काफिला पेशावर के बुध बैर से रवाना होगा। पेशावर के अन्य इलाकों के लोग कोहाट रोड ब्रिज और मोटरवे टोल प्लाजा पर इसमें शामिल होंगे। रात में चरसद्दा इंटरचेंज के पास पड़ाव होगा।
8 अक्टूबर: दोपहर 12:30 बजे चरसद्दा और मोहम्मद के प्रदर्शनकारी काफिले में शामिल होंगे।
2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान
73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान वर्ष 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने सहित 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर भी उनकी पार्टी लगातार सवाल उठाती रही है। 18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्या समेत स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए जांच और इलाज के लिए उन्हें इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी और बाद में पुनर्विचार याचिका भी दाखिल की।
फिलहाल PTI के इस मार्च ने पाकिस्तान की सरकार और सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद पहुंचने से रोक पाती है या आंदोलन राजधानी तक पहुंचकर और बड़ा रूप लेता है।


