मुंबई, 13 अक्टूबर। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कुछ खास यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले पर दिवाली तक रोक लगा दी है। इससे त्योहारी मौसम में व्यापारियों को कुछ समय के लिए राहत मिलेगी। यह फैसला यूपीआई और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को त्योहारों के दौरान चल रही खरीदारी को ध्यान में रखते हुए लिया।
दिवाली के बाद लागू होगा MDR
एनपीसीआई की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कुछ खास पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर अब दिवाली के ठीक बाद लागू किया जाएगा। हालांकि, इसे लागू करने की सही तारीख का एलान अब तक नहीं किया गया है। एनपीसीआई ने कहा कि तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी।
यह घोषणा त्योहारों के दौरान होने वाली खरीदारी के समय से ठीक पहले की गई है, जब आमतौर पर रिटेल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और दूसरे व्यापारी प्रतिष्ठानों पर डिजिटल लेन-देन बढ़ जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) एक ऐसी फीस है, जो आम तौर पर मर्चेंट्स से डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के लिए ली जाती है। प्रस्तावित लागूकरण में सभी यूपीआई पेमेंट्स के बजाय चुनिंदा P2M ट्रांजैक्शन शामिल हैं। एनपीसीआई की हालिया जानकारी में लागू होने वाली एमडीआर दरों, ट्रांज़ैक्शन की सीमा या उन मर्चेंट्स की कैटेगरी के बारे में नहीं बताया गया है, जो बदले हुए फ़्रेमवर्क के दायरे में आएंगे। इन विवरणों को आगामी आधिकारिक अधिसूचनाओं के माध्यम से और स्पष्ट करने की आवश्यकता होगी।
व्यापारियों के लिए क्या परिवर्तन?
स्थगन का अर्थ है कि प्रस्तावित ढांचे के अंतर्गत आने वाले व्यापारियों को त्योहारी अवधि के दौरान नए एमडीआर (MDR) के कार्यान्वयन का सामना नहीं करना पड़ेगा। यूपीआई भुगतान स्वीकार करने वाले व्यवसायों के लिए, यह निर्णय लेनदेन प्रसंस्करण लागत में संभावित परिवर्तनों के लिए तैयारी करने हेतु अतिरिक्त समय प्रदान करता है। हालांकि, वित्तीय प्रभाव अंतिम कार्यान्वयन दिशानिर्देशों पर निर्भर करेगा।
एनपीसीआई नई तिथि की घोषणा करेगा
एनपीसीआई भारत के खुदरा भुगतान और निबटान अवसंरचना का संचालन करता है, जिसमें यूपीआई भी शामिल है, जो व्यक्तियों और व्यवसायों के बीच डिजिटल लेनदेन का समर्थन करता है। संगठन देशभर में डिजिटल भुगतान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं के साथ काम करता है।
ताजा फैसले से पता चलता है कि प्रस्तावित एमडीआर फेमवर्क को वापस लेने के बजाय उसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। मर्चेंट और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर अब उस आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करेंगे, जिसमें लागू होने की नई तारीख और शर्तों की पुष्टि की जाएगी।


