1. Home
  2. हिन्दी
  3. राजनीति
  4. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिरा, अमित शाह ने कांग्रेस व राहुल गांधी पर साधा निशाना
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिरा, अमित शाह ने कांग्रेस व राहुल गांधी पर साधा निशाना

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिरा, अमित शाह ने कांग्रेस व राहुल गांधी पर साधा निशाना

0
Social Share

नई दिल्ली, 11 मार्च। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी दलों द्वारा पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार की शाम ध्वनिमत से गिर गया। लोकसभा में लगभग 10 घंटे तक चली चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया और इसके बाद ध्वनिमत से मतदान में यह प्रस्ताव गिर गया। शाह ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को देश के लिए, संसदीय लोकतंत्र के लिए अफसोसजनक बताया और विपक्षी सदस्यों की ओर से चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों, आरोप के भी जवाब दिए।

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संसदीय लोकतंत्र के लिए अफसोसजनक

अमित शाह ने कहा, ‘स्पीकर के जिस-जिस अधिकार के कारण ये यहां अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं, मैं सब स्पष्ट करना चाहता हूं। सदस्य का समग्र आचरण कैसा हो, यह तय करने का अधिकार नियम 349 में पीठ को दिया गया है, चेयर को दिया गया है। बोलते समय भाषा, मर्यादा, प्रासंगिकता, तीनों का निर्णय करने का अधिकार अध्यक्ष को दिया गया है।

शाह ने कहा कि स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव पर बोल रहा हूं, तो ये नहीं बोल सकता कि देश में माओवाद समाप्ति की कगार पर है। यह प्रासंगिक नहीं है। कितना बोलना है, इसके लिए भी कुछ नियम बने हैं, परंपराएं हैं।’

‘कांग्रेस को भाजपा से छह गुना समय मिला, हमारे साथ अन्याय हुआ

उन्होंने कहा, ‘17वीं लोकसभा में कांग्रेस को 157 घंटे और 55 मिनट का समय दिया गया जबकि उनके 52 सदस्य थे। इसकी तुलना में भाजपा को 349 घंटे और आठ मिनट दिए गए जबकि हमारी सदस्य संख्या 303 थी। प्रो रेटा देखें तो भाजपा से छह गुना अधिक समय कांग्रेस पार्टी को देने का काम स्पीकर साहब ने किया है। दूसरे शब्दों में भाजपा के पास छह गुना अधिक सदस्य थे, लेकिन हमारे साथ अन्याय हुआ है।

18वीं लोकसभा का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, ‘कल (10 मार्च) तक कांग्रेस की ओर से 71 घंटे बोला गया, जबकि उनके 99 सदस्य हैं। भाजपा को 122 घंटे मिले हैं जबकि हमारे 239 सदस्य हैं। 18वीं लोकसभा में भी कांग्रेस को बीजेपी से दोगुना समय मिला है।’

उन्होंने कहा, ‘विपक्ष के नेता का कहना है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता, विपक्ष के नेता की आवाज दबा देते हैं। उनसे पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस की ओर से 157 घंटे 55 मिनट बोला गया, कौन बोलेगा, ये स्पीकर तय करेंगे क्या। यह तो आपको तय करना है। बोलने का मौका आता है, तब ये इंग्लैंड होते हैं, जर्मनी होते हैं और फिर कम्प्लेन करते हैं।’

‘विपक्ष के बोलना चाहते हैं तो नियमों के अनुसार बोलना नहीं आता’

गृह मंत्री ने राहुल गांधी की सदन में उपस्थिति के आंकड़े भी गिनाए और कहा कि विपक्ष के नेता की पार्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है, उस पर भी नहीं बोले। विपक्ष के नेता जब बोलना ही नहीं चाहते, कौन बुला सकता है। शाह ने कहा, ‘विपक्ष के नेता बोलना नहीं चाहते, बोलना चाहते हैं तो नियमों के अनुसार बोलना नहीं आता। वेणुगोपाल की ओर से कहा गया कि इतनी बार विपक्ष के नेता को टोका गया। स्पीकर के टोकने के बाद भी आप वही बात बोलोगे तो क्यों नहीं टोका जाएगा।’

अमित शाह ने कहा, ‘राजनाथ सिंह ने बोल दिया कि अप्रकाशित किताब। मैग्जीन को नहीं कोट कर सकते। उस मैग्जीन की छवि उनकी ही पार्टी की है। उसे कोट करने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि किसी भी वक्ता का भाषण कोई अन्य संसद सदस्य कैसे तय कर सकता है। जब मैं नहीं कह सकता, तो वो भी नहीं कह सकते।’

शाह ने कहा कि एसआईआर पर भाषण के दौरान मुझे डिस्टर्ब किया। खड़े होकर कहा कि पहले ये बोलिए, फिर उनको आइडिया आया कि मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस हो। ये लोकसभा है। यहां किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस नहीं होती। ओम बिरला ने सदन का स्तर ना गिरने देकर इस पर उपकार किया है।

नियम तोड़कर बोलने की इजाजत किसी को नहीं

उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि 17वीं लोकसभा में विपक्ष को 40 फीसदी समय दिया गया। शून्यकाल में विपक्ष की भागीदारी 55 प्रतिशत रही है। ये कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते। किसको बोलना है, यह अधिकार उस दल के नेता का है। आप खुद नहीं बोलना चाहते तो कौन बुला सकता है। अविश्वास प्रस्ताव पर बोल सकते थे। नियम तोड़कर बोलने की इजाजत किसी को नहीं। उन्होंने कहा कि माइक बंद कर दिए जाने की बात हुई। अभी पप्पू यादव के भाषण के समय गिरिराज सिंह बोल रहे थे। वे मंत्री हैं, तब भी उनका माइक चालू नहीं हुआ। जो नियमों के विपरीत बोलेगा, उसका माइक बंद ही कर दिया जाना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि बीएसी में तय हुआ था कि इनके प्रस्ताव पर नौ तारीख को चर्चा होगी। ये अपने प्रस्ताव पर चर्चा को भी तैयार नहीं थे, यह इनकी गंभीरता बताता है। उन्होंने कहा कि 80 फीसदी से ज्यादा भाषण स्पीकर के कंडक्ट पर नहीं, सरकार का विरोध करने के लिए हैं। सरकार का विरोध करने के लिए ढेर सारी धाराएं हैं, इसके लिए आप स्पीकर की गरिमा पर सवालिया निशान लगा रहे हो।

कांग्रेस पार्टी को तो विरोध करने का अधिकार ही नहीं है

शाह ने कहा, ‘ये कल भी कह रहे थे कि डिप्टी स्पीकर अप्वॉइंट नहीं किया। कांग्रेस ने अपने ही डिप्टी स्पीकर रख दिए थे। ये कहते हैं कि डिप्टी स्पीकर पर हमारा अधिकार है। कांग्रेस पार्टी को तो विरोध करने का अधिकार ही नहीं है। हमने तो कम से कम आपके लिए खाली रखा है, आपने तो खाली भी नहीं रखा।’

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code