ईरानी बमबारी के बीच अमेरिका का बड़ा एक्शन, मिडिल ईस्ट में उतारे 3500 सैनिक

वॉशिंगटन, 28 मार्च। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने बड़ा एक्शन लेते हुए USS ट्रिपोली नाम का एक बड़ा जहाज मध्य पूर्व क्षेत्र में भेजा है। यह जहाज अमेरिका-क्लास का एम्फीबियस असॉल्ट शिप है। इसमें लगभग 3,500 नाविक और मरीन (समुद्री सैनिक) हैं।

USS ट्रिपोली के साथ में हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर और समुद्री हमले के सामान भी हैं। यह जहाज ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 39वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट का मुख्य जहाज है। समझा जाता है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका की ताकत बढ़ाने के लिए यह तैनाती की गई है।

दरअसल, यह जहाज पहले जापान के पास प्रशांत महासागर में था। मार्च, 2026 में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, तब इसे मध्य पूर्व भेजा गया। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिश की थी, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

USS ट्रिपोली जैसे जहाज समुद्र से हमला करने, सैनिक उतारने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद कर सकते हैं। यह पहले से वहां मौजूद अमेरिकी कैरियर ग्रुप्स (विमान वाहक जहाजों) की मदद करेगा।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस जहाज का इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट को खोलने, ईरानी तेल केंद्रों पर नजर रखने या अगर जरूरत पड़ी तो जमीनी मदद के लिए हो सकता है। इसमें F-35B फाइटर जेट्स, MV-22 ओस्प्रे हेलिकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट हैं। ये तेजी से काम करने में सक्षम हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन दी है, लेकिन सैन्य दबाव भी बनाए रखा जा रहा है। युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में है और दोनों तरफ हमले जारी हैं।

USS ट्रिपोली की यह पहुंच अमेरिकी रणनीति का हिस्सा

बताया जा रहा है कि USS ट्रिपोली की यह पहुंच अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है। इससे क्षेत्र में स्थिरता लाने और सहयोगी देशों की रक्षा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कमी भी हो सकती है। यह कदम दिखाता है कि अमेरिका हवाई हमलों के अलावा समुद्री और जमीनी विकल्प भी तैयार रखना चाहता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular