नई दिल्ली, दो अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में गांधी स्मृति में आयोजित एक विशेष सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और सत्य, शांति व अहिंसा के उनके शाश्वत आदर्शों का सम्मान किया। इस कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने भक्तिपूर्ण भजन प्रस्तुत किए।
उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी गांधी स्मृति में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी अहम भूमिका तथा सद्भाव और सामाजिक उत्थान के उनके सार्वभौमिक संदेश को याद किया।
Joined the prayer meeting at Gandhi Smriti. We recalled the timeless message of Bapu.
A key highlight was the interaction with my young friends. pic.twitter.com/WhXm3WLN5m
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026
महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्हें मोहनदास करमचंद गांधी के नाम से भी जाना जाता है। उनकी जयंती हर वर्ष ‘गांधी जयंती’ के रूप में मनाई जाती है। दो अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के तौर पर भी मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने गांधीजी की अहिंसा की विचारधारा का संदेश फैलाने के लिए इस दिन को चुना था। वे भारत की आज़ादी की लड़ाई में एक अहम हस्ती थे और उन्होंने नमक सत्याग्रह व भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों का नेतृत्व किया था।
इससे पूर्व आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, देशभर में नेताओं और नागरिकों ने गांधी जयंती मनाई और शांति, अहिंसा और स्वच्छता के उनके संदेश को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी राजघाट पहुंचे और राष्ट्रपिता की 157वीं जयंती पर उनकी समाधि पर आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए।
पीएम मोदी विजय घाट भी पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की।


