लखनऊ, 19 सितम्बर। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार की एकमुश्त समाधान (OTS) योजना शहरी करदाताओं के लिए बड़ी आर्थिक राहत लेकर आई है और इसके तहत स्वीकृत 29292 लाभार्थियों को अब तक कुल 31.06 करोड़ रुपये की सरचार्ज एवं ब्याज में छूट प्रदान की गई है।
प्रत्येक लाभार्थी को औसतन लगभग 12,655 रुपये की आर्थिक बचत
वस्तुतः OTS योजना से प्रत्येक लाभार्थी को औसतन लगभग 12,655 रुपये की आर्थिक बचत हुई है। योजना के माध्यम से पुराने कर बकायों के पारदर्शी और सम्मानजनक निस्तारण का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर नगर विकास विभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत नागरिकों को वर्षों से लंबित कर बकायों का निस्तारण कराने और सरचार्ज व ब्याज में छूट पाने का अवसर मिल रहा है। इससे जहां आम परिवारों पर पुराने बकाये का आर्थिक बोझ कम हो रहा है वहीं नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है।
नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही
नगर विकास सचिव अनुज कुमार झा ने बताया कि इस योजना से शहरी करदाताओं को राहत देने के साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है। हालांकि अभी काफी काम बाकी है। सभी निकाय योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले और पुराने बकायों का निस्तारण हो सके।
अब तक 48 हजार से ज्यादा आवेदन
योजना के प्रति नागरिकों की भागीदारी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि अब तक कुल 48,751 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 25231 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। नगर निगमों में 40,480, नगर पालिका परिषदों में 6,033, नगर पंचायतों में 2,160, और जल संस्थानों में 394 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
आवासीय संपत्तियों के सर्वाधिक आवेदन
योजना का लाभ उठाने वालों में आम परिवारों की भागीदारी सबसे अधिक है। प्राप्त आवेदनों में 81.5 प्रतिशत यानी 31,002 आवेदन आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। इसके अलावा 3,785 व्यावसायिक और 3,235 मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के स्वामियों ने भी योजना के तहत आवेदन किया है। यह भागीदारी शहरी करदाताओं के बीच योजना की पहुंच को दर्शाती है।
निकायों की आर्थिक मजबूती
योजना के अंतर्गत पंजीकृत 73.80 करोड़ रुपये की कुल मांग के सापेक्ष अब तक 24.51 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त हुआ है। इससे नगरीय निकायों के लंबित करों की वसूली को गति मिली है। सरकार की इस पहल से करदाताओं को राहत देने के साथ-साथ स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम सबसे आगे
ओटीएस योजना के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सबसे आगे है। लखनऊ नगर निगम ने अब तक 6.70 करोड़ रुपये के करीब गृहकर वसूली की है। योजना के तहत बड़ी संख्या में बकायेदार आवेदन कर रहे हैं और नगर निगम स्तर पर आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। लखनऊ नगर निगम में अब तक ओटीएस योजना के तहत 4,159 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3,723 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं पांच आवेदन निरस्त किए गए हैं जबकि 239 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।
विकास में होगा राजस्व का उपयोग
दरअसल, योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल बकाया करों की वसूली तक सीमित नहीं है बल्कि शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से भी जुड़ा है। प्राप्त राजस्व का उपयोग स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़कों, स्ट्रीट लाइटों और आधुनिक नगरीय सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इस प्रकार ओटीएस योजना के माध्यम से सरकार करदाताओं को पुराने बकायों से राहत देने, राजस्व संग्रह बढ़ाने और शहरों के विकास को गति देने की दिशा में काम कर रही है।


