जीएसटी धोखाधड़ी जांच में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े ठिकानों पर छापे
चंडीगढ़, 9 जून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में एक और राउंड का तलाशी अभियान चलाया। यह मामला पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और कुछ अन्य लोगों से जुड़ा है, जिन पर मोबाइल फोन की बिक्री से संबंधित कथित 100 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, अरोड़ा की कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी’ से जुड़े मामले में दिल्ली-नोएडा (एनसीआर) तथा पंजाब के लुधियाना और जालंधर में छापेमारी की जा रही है।
ईडी ने जालंधर में नगर निगम के ठेकेदार अमित बजाज के ठिकानों पर भी छापेमारी की। अमित और उनके बड़े भाई इंदरजीत बजाज पंजाब, गुजरात समेत कई राज्यों में नगर निगमों और अन्य सरकारी विभागों के बड़े ठेकेदार रहे हैं। पिछले महीने ईडी ने उद्योग मंत्री अरोड़ा को गिरफ्तार किया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनकी गिरफ्तारी “मनमानी, बिना पर्याप्त आधार के, अधिकार क्षेत्र से बाहर और संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 के तहत प्रदत्त सुरक्षा उपायों का उल्लंघन” है।
ईडी ने अरोड़ा को 9 मई को उनके सरकारी आवास से ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। उन्होंने अपनी याचिका में ‘ईडी की गैर-कानूनी और असंवैधानिक हिरासत’ से तत्काल रिहाई की मांग करते हुए ‘विवादित गिरफ्तारी’ को निरस्त करने तथा उसके बाद दी गई रिमांड को रद्द करने का अनुरोध किया है। इससे पहले, 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में अरोड़ा के ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। 2024 में, लुधियाना (पश्चिम) के विधायक अरोड़ा को औद्योगिक जमीन को आवासीय परियोजनाओं में बदलने के कथित मामले में ईडी की छापेमारी का सामना करना पड़ा था। उस समय वे राज्यसभा सांसद थे।
अरोड़ा की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज) ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि मोबाइल-फोन एक्सपोर्ट के काम में सभी लागू कानूनों का पूरी तरह पालन किया गया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने मई 2023 में मोबाइल-फोन एक्सपोर्ट के कारोबार में कदम रखा था।
कंपनी ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव’ (पीआईएल) स्कीम के तहत सरकार का प्राथमिकता वाला क्षेत्र बताया और कहा कि हाल के वर्षों में भारत के मोबाइल-फोन एक्सपोर्ट में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने कहा, “सिर्फ इसी असल स्थिति से ‘राउंड-ट्रिपिंग’ या ‘फर्जी एक्सपोर्ट’ के सभी आरोप खारिज हो जाते हैं। विदेश में कोई रकम नहीं रखी गई, न ही किसी छिपे हुए खाते में रखी गई और न ही किसी व्यक्ति या संस्था को वापस भेजी गई।” कंपनी ने कहा, “कंपनी सप्लायर की तरफ से कथित धोखाधड़ी की शिकार हुई है।”
