मानसून सत्र : विपक्षी सांसदों की जबर्दस्त नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
नई दिल्ली, 21 जुलाई। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विपक्ष के जबर्दस्त हंगामे व नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे फिर शुरू होगी। दिन में तीसरी बार था, जब सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी क्योंकि विपक्ष की तरफ से जारी हंगामा कम नहीं हुआ।
#MonsoonSession2026 #LokSabha adjourned till 11:00AM on 22.07.2026@ombirlakota @LokSabhaSectt @loksabhaspeaker pic.twitter.com/9a7HtolvE5
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अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने बार-बार सांसदों से अपनी सीट पर बैठने, सदन की मर्यादा बनाए रखने और नियम 377 के तहत कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया, हालांकि विपक्ष के सदस्यों ने इन अनुरोधों को नजरअंदाज किया और सदन के बीचों-बीच (वेल में) हंगामा जारी रखा। आखिरकार, दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
"आप सभी अपने-अपने स्थान पर बैठिए। पूरा देश आपको देख रहा है। बैनर, पोस्टर और काला कपड़ा लेकर आना संसद के नियमों के खिलाफ है।"
विपक्ष के भारी शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।#loksabha @LokSabhaSectt… pic.twitter.com/mKIHwySwgo
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इससे पहले, बार-बार हो रहे हंगामे के कारण सामान्य कार्यवाही नहीं चल पाने पर स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया था। सदस्यों से सदन को चलने देने की अपील करते हुए बिरला ने कहा, ‘क्या आप नहीं चाहते कि सदन चले? सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।’ हालांकि विपक्ष ने अपना विरोध और नारेबाजी जारी रखी, जिससे कार्यवाही में बाधा पड़ी और बाद में पहली बार सदन स्थगित करना पड़ा।
दोपहर में सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन इस दौरान भी विपक्ष के सदस्यों की लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण कार्यवाही में बाधा पड़ती रही। सदन की अध्यक्षता कर रहीं संध्या राय ने विपक्षी सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने की बार-बार अपील की, लेकिन जब उनकी बात नहीं मानी गई तो उन्होंने सदन को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
अध्यक्ष की ओर से बार-बार शांति बनाए रखने और अपनी-अपनी सीटों पर लौटने की अपील किए जाने के बावजूद विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे। लगातार जारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित करनी पड़ी। कुल मिलाकर देखें तो यह स्थिति मानसून सत्र के पहले दिन जैसी ही रही, जब विपक्ष के विरोध और बार-बार हुए हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष ने कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिनमें परीक्षा के पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन शामिल था। इन वजहों से संसदीय कामकाज में बार-बार बाधा पड़ी।
