जम्मू-कश्मीर : सीएम उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, मृत मजदूरों के परिजनों को 10-10 लाख की आर्थिक मदद

जम्मू, एक अगस्त। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले के केल्लम गांव में शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है। उन्होंने इसके साथ पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

कमजोर लोगों को निशाना बनाना अमानवीय कृत्य

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम के देवसर इलाके में दो बाहरी मजदूरों की बर्बर हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ‘हम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति और साहस मिले। कमजोर लोगों को निशाना बनाना पूरी तरह से अमानवीय कृत्य है जिसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए।’

मुख्यमंत्री ने आतंकी हमले में मारे गए मजदूरों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख मुआवजा राशि देने की घोषणा की। यह राशि जिला प्रशासन की ओर से दी जाने वाली 6-6 लाख की तत्काल सहायता के अलावा होगी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

आतंकियों ने ईंट भट्ठे के दो मजदूरों की पछचान पूछकर फायरिंग कर दी

गौरतलब है कि शुक्रवार शाम को आतंकवादियों ने केल्लम गांव में ईंट भट्ठे के दो मजदूरों की पहचान पूछकर उनपर करीब से फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों को अनंतनाग शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दीपक रात्रे (24) ने दम तोड़ दिया जबकि डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल बोपिंदर (28) को विशेष उपचार के लिए एसकेआईएमएस रेफर कर दिया था।

अधिकारियों ने बताया कि बोपिंदर को शुक्रवार देर शाम अनंतनाग शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से श्रीनगर शहर के सौरा स्थित सुपर स्पेशियलिटी शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) में गंभीर हालत में स्थानांतरित किया गया था। इलाज के दौरान शनिवार सुबह बोपिंदर की मौत हो गई।

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कायरतापूर्ण हरकत की कड़ी निंदा की

वहीं उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा था, ‘कुलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत हो गई। मैंने डीजीपी नलिन प्रभात और सुरक्षा के शीर्ष अधिकारियों से बात की। मैं इस कायरतापूर्ण हरकत की कड़ी निंदा करता हूं। मैंने सुरक्षा बलों को अपने ऑपरेशन तेज करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ के एक और घायल मजदूर को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश इन परिवारों के साथ खड़ा है।’

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