ईरान-अमेरिका तनाव बरकरार, आईआरजीसी ने अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का किया दावा
तेहरान, 31 मई। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को एक बयान में कहा कि उसने अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है। यह जानकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने दी। रिपोर्ट के अनुसार, यह ड्रोन कथित तौर पर ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में दाखिल हुआ था। आईआरजीसी ने कहा कि ड्रोन का तुरंत पता लगा लिया गया और उसे वायु रक्षा मिसाइलों से गिरा दिया गया। इससे पहले मंगलवार को आईआरजीसी ने कहा था कि अगर अमेरिका युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन करता है, तो उसके पास जवाबी कार्रवाई करने का ‘वैध और निश्चित’ अधिकार सुरक्षित है।
आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने अमेरिका के एमक्यू-9 ड्रोन को भी मार गिराया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने एक लड़ाकू विमान पर फायरिंग की, जो कथित तौर पर ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरान पर नए ‘आत्मरक्षा संबंधी हमले’ किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाकर हमला किया।
सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की है ताकि ईरानी बलों से पैदा होने वाले खतरों से अपने सैनिकों की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा, “निशानों में मिसाइल लॉन्च साइटें और वे ईरानी नौकाएं शामिल थीं जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड युद्धविराम के दौरान संयम बरतते हुए भी अपने सैनिकों की सुरक्षा जारी रखे हुए है।” गुरुवार को भी अमेरिकी सेना ने रात के समय ईरान में नए हमले किए थे।
