झारखंड : RSS कार्यालय पर हमले की जांच ATS को सौंपी गई, मामले में सामने आया अंतरराष्ट्रीय लिंक!
रांची, 18 जून। झारखंड की राजधानी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए हमले की जांच अब झारखंड पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को सौंप दी गई है। रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि मामले में अंतरराष्ट्रीय लिंक होने के संकेत मिले है, जिसके बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी अब एटीएस संभालेगा।
राकेश रंजन ने बताया कि गत 16 मई की रात चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, झारखंड प्रदेश कार्यालय में अज्ञात अपराधकर्मियों के द्वारा पेट्रोल बम फेंकने की घटना को अंजाम दिया गया। इस संबंध में चुटिया थाना कांड सं0-85/26 दिनांक-17.06.26 धारा-118 (2)/109 (1)/324(5)/324(6)/298/326 (जी) / 61 (2) भा०न्या०सं० एवं 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधि० तथा 16/18 यू०ए०पी० एक्ट दर्ज किया गया. कांड की गंभीरता को देखते हुए घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया।
2 अभियुक्त सैफ अंसारी व अमन अंसारी कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार
एसआईटी द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तकनीकी सहयोग से कांड के मुख्य अभियक्तों का चिह्नित किया गया। इसके बाद एसआईटी ने विभिन्न स्थानों पर छापामारी की। इसी क्रम में वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरे राज्य भागने के प्रयास में कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास से घटना में शामिल अभियुक्त सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को बोकारो-कोडरमा पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया।
तीसरा आरोपित सायम सुजान रांची से गिरफ्तार
गिरफ्तार सैफ अंसारी एवं अमन अंसारी उर्फ गोलू द्वारा अपना अपराध स्वीकार करते हुए सायम सुजान के साथ घटना कारित करने को बात बताया गया, जिसे छापामारी के कम में रांची से उसे भी गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना के समय इनके द्वारा पहने गये कपड़ों को लोअरबाजार थाना अंतर्गत नाला के समीप से बरामद एवं जब्त किया गया।
इंटरनेशनल माड्यूल के आसार!
रांची सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि प्रांरभिक जांच एवं पूछताछ में इन अपराधकर्मियों की किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह (Module) से जुड़े होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले की गम्भीरता को देखते हुए इस कांड के अग्रतर अनुसंधान आतंकवाद निरोधी दस्ता (Anti-Terrorism Squad) से कराने का अनुरोध किया गया, जिसकी स्वीकृति दी जा चुकी है। इस मामले का अग्रतर अनुसंधान आंतकवाद निरोधी दस्ता झारखंड द्वारा किया जाएगा।
